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गृह मंत्री के निजी सचिव का करीबी
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गृह मंत्री के निजी सचिव का करीबी
बता ठगने वाले गिरोह के 5 दबोचे
नई दिल्ली। पुलिस की अपराध शाखा ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निजी सचिव का करीबी बताकर ठगी करने वाले हाईप्रोफाइल गिरोह के मास्टरमाइंड रितेश तिवारी और चार अन्य जालसाजों को गिरफ्तार किया है। रितेश के साथ 24, अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय का क्लर्क भीम पंडित भी मिला हुआ था। वह कांग्रेस नेताओं से जान-पहचान होने की बात कहता था। ये सभी लोन दिलाने और अन्य काम कराने के नाम पर ठगी करते थे। रितेश तिवारी गदई धारापुर में फार्म हाउस किराए पर लेकर रहता था। रौब दिखाने के लिए उसने बाउंसर रखे हुए थे। दो जिप्सी रखी हुई थीं। बाउंसर इनमें पायलट व एस्कॉर्ट बनकर चलते थे।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रितेश तिवारी के लोगों के रुके हुए काम कराने व लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि उसकी गृह मंत्री के निजी सचिव से कोई करीबी नहीं है। इसके बाद अपराध शाखा दो शिकायतें मिलीं। एक 25 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 12 लाख और दूसरी 50 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर 32 लाख रुपये ठगने की थी। ठग पीड़ितों से राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय में भी मिलते थे। इसके बाद पुलिस ने रितेश तिवारी (42), अजय जैन (50), भास्कर नाथ (25), अश्विनी कश्यप (53) और भीम पंडित (54) को गिरफ्तार कर लिया।
कांग्रेस मुख्यालय में बैठक कराता था भीम
कांग्रेस मुख्यालय में भीम पंडित वर्ष 2000 से काम कर रहा है। वह आरोपियों की पीड़ित के साथ कांग्रेस मुख्यालय में मुलाकात कराता था। इससे पीड़ित को लगता था कि इन लोगों की कांग्रेस नेताओं से जान-पहचान है। ग्रेजुएशन कर चुका रितेश तिवारी खुद को कभी बड़ा सरकारी अफसर भी बताता था। पुलिस ने इसकी फारच्यूनर कार व दो जिप्सी बरामद की हैं। अजय जैन वित्तीय संस्था में काम करता है। भास्कर नाथ रिटायर सरकारी अफसर का बेटा है। अजय व रवि जिन पीड़ितों को लाते थे, उनसे भास्कर नाथ ही बात करता था। भास्कर अच्छी अंग्रेजी बोलता है। रोहिणी में रहने वाला अश्विनी प्रॉपर्टी डीलर है। पुलिस इनके साथी अमित, गौरव नंदा और रवि की तलाश कर रही है।
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बता ठगने वाले गिरोह के 5 दबोचे
नई दिल्ली। पुलिस की अपराध शाखा ने खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निजी सचिव का करीबी बताकर ठगी करने वाले हाईप्रोफाइल गिरोह के मास्टरमाइंड रितेश तिवारी और चार अन्य जालसाजों को गिरफ्तार किया है। रितेश के साथ 24, अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय का क्लर्क भीम पंडित भी मिला हुआ था। वह कांग्रेस नेताओं से जान-पहचान होने की बात कहता था। ये सभी लोन दिलाने और अन्य काम कराने के नाम पर ठगी करते थे। रितेश तिवारी गदई धारापुर में फार्म हाउस किराए पर लेकर रहता था। रौब दिखाने के लिए उसने बाउंसर रखे हुए थे। दो जिप्सी रखी हुई थीं। बाउंसर इनमें पायलट व एस्कॉर्ट बनकर चलते थे।
अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रितेश तिवारी के लोगों के रुके हुए काम कराने व लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि उसकी गृह मंत्री के निजी सचिव से कोई करीबी नहीं है। इसके बाद अपराध शाखा दो शिकायतें मिलीं। एक 25 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 12 लाख और दूसरी 50 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर 32 लाख रुपये ठगने की थी। ठग पीड़ितों से राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय में भी मिलते थे। इसके बाद पुलिस ने रितेश तिवारी (42), अजय जैन (50), भास्कर नाथ (25), अश्विनी कश्यप (53) और भीम पंडित (54) को गिरफ्तार कर लिया।
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कांग्रेस मुख्यालय में बैठक कराता था भीम
कांग्रेस मुख्यालय में भीम पंडित वर्ष 2000 से काम कर रहा है। वह आरोपियों की पीड़ित के साथ कांग्रेस मुख्यालय में मुलाकात कराता था। इससे पीड़ित को लगता था कि इन लोगों की कांग्रेस नेताओं से जान-पहचान है। ग्रेजुएशन कर चुका रितेश तिवारी खुद को कभी बड़ा सरकारी अफसर भी बताता था। पुलिस ने इसकी फारच्यूनर कार व दो जिप्सी बरामद की हैं। अजय जैन वित्तीय संस्था में काम करता है। भास्कर नाथ रिटायर सरकारी अफसर का बेटा है। अजय व रवि जिन पीड़ितों को लाते थे, उनसे भास्कर नाथ ही बात करता था। भास्कर अच्छी अंग्रेजी बोलता है। रोहिणी में रहने वाला अश्विनी प्रॉपर्टी डीलर है। पुलिस इनके साथी अमित, गौरव नंदा और रवि की तलाश कर रही है।
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