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अगस्त के आखिरी सप्ताह में बढ़े 35 फीसदी संक्रमित
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नई दिल्ली। राजधानी में अगस्त के आखिरी सप्ताह तक संक्रमण के 35 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय कम लक्षण वाले अधिकतर लोग कोरोना जांच कराने से बच रहे हैं। इस लापरवाही के कारण मामले बढ़ रहे हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने 17 अगस्त के बाद बढ़ रहे मामलों का एक विश्लेषण किया, जिसमें देखा गया कि अब संक्रमण ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि अधिकतर प्रवासी दिल्ली वापस लौट रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं, जो कोरोना के सुरक्षा नियमों को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। भीड़भाड़ के इलाकों में मास्क नहीं लगा रहे हैं और शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं कर रहे हैं।
दक्षिणी दिल्ली के मैडिओर अस्पताल के कंसलटेंट डॉ. मनोज शर्मा बताते हैं कि लोगों में कोरोना का डर नहीं रहा है। पहले कम लक्षण होने पर ही मरीज जांच के लिए अस्पताल पहुंच जाते थे, लेकिन बीते 2 सप्ताह से जांच कराने वालों की संख्या कम हुई है। अब हल्के लक्षण वाले अधिकतर लोग जांच नहीं करा रहे हैं। यह धारणा बन गई है की वह अपने आप ही ठीक हो जाएंगे।
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राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर बीएल शेरवाल का कहना है कि इस समय कोई भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। यह वायरस काफी घातक है, जिससे बचाव बेहद जरूरी है। इसलिए थोड़े से भी लक्षण दिखाई देने पर जांच कराना बहुत जरूरी है।
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दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने 17 अगस्त के बाद बढ़ रहे मामलों का एक विश्लेषण किया, जिसमें देखा गया कि अब संक्रमण ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि अधिकतर प्रवासी दिल्ली वापस लौट रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं, जो कोरोना के सुरक्षा नियमों को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। भीड़भाड़ के इलाकों में मास्क नहीं लगा रहे हैं और शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं कर रहे हैं।
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दक्षिणी दिल्ली के मैडिओर अस्पताल के कंसलटेंट डॉ. मनोज शर्मा बताते हैं कि लोगों में कोरोना का डर नहीं रहा है। पहले कम लक्षण होने पर ही मरीज जांच के लिए अस्पताल पहुंच जाते थे, लेकिन बीते 2 सप्ताह से जांच कराने वालों की संख्या कम हुई है। अब हल्के लक्षण वाले अधिकतर लोग जांच नहीं करा रहे हैं। यह धारणा बन गई है की वह अपने आप ही ठीक हो जाएंगे।
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राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉक्टर बीएल शेरवाल का कहना है कि इस समय कोई भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। यह वायरस काफी घातक है, जिससे बचाव बेहद जरूरी है। इसलिए थोड़े से भी लक्षण दिखाई देने पर जांच कराना बहुत जरूरी है।