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महिला के पेट से निकाला 35 सेमी लंबा ट्यूमर, फैलाव 17 सेमी
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नई दिल्ली। 44 वर्षीय सोनल चौधरी प्रजनन तंत्र से संबंधित किसी समस्या के कारण स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराने के लिए सर गंगाराम अस्पताल आई थीं लेकिन यहां जांच में पता चला कि उनके पेट में एक ट्यूमर है। डॉक्टर भी ट्यूमर के आकार को देख हैरान रह गए।
आनन फानन में जब ऑपरेशन किया। ट्यूमर निकालने के बाद डॉक्टरों ने उसका आकार नापा तो ये 35 सेंटीमीटर लंबा और 17 सेंटीमीटर चौड़ा था। पेट के बायीं ओर यह ट्यूमर था जिसने पेट के दो तिहाई भाग को घेर लिया था। इससे बायीं किडनी, आंतें और प्रमुख रक्त नलिकाएं पूरी तरह ढक गई थीं।
वरिष्ठ डॉ. विपिन त्यागी ने बताया कि जांच में पता चलने के बाद मरीज में कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। वहीं ट्यूमर के विकसित होने का कारण पता नहीं था। फिर भी तुरंत सर्जरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अलग-अलग विभागों से डॉक्टरों की टीम बनाने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। जब यह बाहर आया तो इसका वजन लगभग 3 किलो 35 ग्राम था।
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ट्यूमर के आसपास के सभी प्रमुख अंग आंत, अग्नाश्य और रक्त वाहिकाओं को बचाने में सफल रहे। आंतों को ट्यूमर से निकालने में गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. तरुण मित्तल ने मदद की। फिलहाल मरीज अब सामान्य है। ठीक तरह से खा रही है और रिकवरी भी बहुत अच्छी हो रही है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी और तत्काल उपचार बहुत जरूरी है।
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आनन फानन में जब ऑपरेशन किया। ट्यूमर निकालने के बाद डॉक्टरों ने उसका आकार नापा तो ये 35 सेंटीमीटर लंबा और 17 सेंटीमीटर चौड़ा था। पेट के बायीं ओर यह ट्यूमर था जिसने पेट के दो तिहाई भाग को घेर लिया था। इससे बायीं किडनी, आंतें और प्रमुख रक्त नलिकाएं पूरी तरह ढक गई थीं।
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वरिष्ठ डॉ. विपिन त्यागी ने बताया कि जांच में पता चलने के बाद मरीज में कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। वहीं ट्यूमर के विकसित होने का कारण पता नहीं था। फिर भी तुरंत सर्जरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अलग-अलग विभागों से डॉक्टरों की टीम बनाने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। जब यह बाहर आया तो इसका वजन लगभग 3 किलो 35 ग्राम था।
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ट्यूमर के आसपास के सभी प्रमुख अंग आंत, अग्नाश्य और रक्त वाहिकाओं को बचाने में सफल रहे। आंतों को ट्यूमर से निकालने में गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल सर्जन डॉ. तरुण मित्तल ने मदद की। फिलहाल मरीज अब सामान्य है। ठीक तरह से खा रही है और रिकवरी भी बहुत अच्छी हो रही है। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी और तत्काल उपचार बहुत जरूरी है।