कुछ पश्चिमी हित संगठन किसान आंदोलन के नाम पर भारत सरकार के खिलाफ कर रहे गलत प्रचार: दिल्ली पुलिस
किसान दिल्ली के सिंघु, गाजीपुर और टिकरी बॉर्डर पर पिछले दो महीनों से नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार से तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर जबर्दस्त समर्थन मिल रहा है। इस दौरान सोशल मीडिया को दिल्ली पुलिस मॉनिटर कर रही है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन ने कहा कि लगभग 300 सोशल मीडिया हैंडल पाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल घृणित और निंदनीय कंटेंट फैलाने के लिए किया जा रहा है।
इनका इस्तेमाल कुछ वेस्टर्न इंटरेस्ट ऑर्गनाइजेशनों द्वारा किया जा रहा है, जो किसान आंदोलन के नाम पर भारत सरकार के खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं: प्रवीर रंजन, दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त https://t.co/I1ZicJ1l8j
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2021विज्ञापन
प्रवीर रंजन ने कहा कि इनका इस्तेमाल कुछ पश्चिमी हित संगठनों (वेस्टर्न इंटरेस्ट ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा किया जा रहा है, जो किसान आंदोलन के नाम पर भारत सरकार के खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं। ग्रेटा थनबर्ग पर एफआईआर दर्ज करने पर विशेष आयुक्त ने कहा कि एफआईआर में किसी का नाम नहीं है, यह केवल टूलकिट को बनाने वालों के खिलाफ है, जो जांच का विषय है।
उधर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जो टूलकिट का मामला है, वह बेहद गंभीर है। साफ होता है कि कुछ विदेशी ताकतें भारत को बदनाम करने की साजिश कर रही हैं।
जो टूलकिट का मामला है वह बहुत गंभीर है। साफ होता है कि कुछ विदेशी ताकतें भारत को बदनाम करने की साजिश कर रही हैं: केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर https://t.co/I48lqf0mgU pic.twitter.com/aIdfSAYR5E
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 4, 2021
थनबर्ग ने किया ट्वीट
इस बीच थनबर्ग ने एक नया ट्वीट किया है। उन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद किए गए अपने ट्वीट में लिखा कि मैं अभी भी किसानों और उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ खड़ी हुई हूं। नफरत, धमकी या मानवाधिकारों का उल्लंघन भी इसे नहीं बदल सकता है। उन्होंने अपने ट्वीट के साथ हैशटैग फार्मर्स प्रोटेस्ट भी लिखा।
अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा
किसान आंदोलन को समर्थन देने के नाम पर भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा हुआ है। भारत के खिलाफ साजिश को सफल बनाने में स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने बेहद शातिर तरीके से योजना बनाई। इस योजना को गलती से उन्होंने ट्वीट कर दिया। हालांकि, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट भी कर दिया।