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Hindi News ›   Delhi ›   24 Hour Smart Surveillance on 1205 km Highway Network Those Misusing FASTags Will Also Be Caught in Delhi

Delhi: 1205 किमी हाईवे नेटवर्क पर 24 घंटे स्मार्ट निगरानी, गलत फास्टैग इस्तेमाल करने वाले भी पकड़े जाएंगे

Sat, 23 May 2026 05:30 AM IST
Digvijay Singh धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 23 May 2026 05:30 AM IST
सार

हाईवे पर अब संकट के समय मदद के लिए किसी राहगीर या फोन कॉल का इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि अब एआई खुद दुर्घटना की खबर कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा।

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24 Hour Smart Surveillance on 1205 km Highway Network Those Misusing FASTags Will Also Be Caught in Delhi
फास्टैग - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हाईवे पर अब संकट के समय मदद के लिए किसी राहगीर या फोन कॉल का इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि अब एआई खुद दुर्घटना की खबर कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा। भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल ) दिल्ली-एनसीआर से जुड़े 1205 किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क को एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) से पूरी तरह डिजिटल करने जा रहा है। इस हाई-टेक निगरानी के दायरे में आने के बाद रफ्तार के शौकीनों और नियमों को ताक पर रखने वालों के साथ-साथ फास्टैग फ्रॉड करने वाले भी अब बच नहीं पाएंगे। परियोजना को लागू करने के लिए आईएचएमसीएल की तरफ से निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है।

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परियोजना के तहत तैनात वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड एनफोर्समेंट सिस्टम (वीआईडीईएस) के जरिये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सड़क पर दुर्घटना, वाहन के खराब होकर खड़े होने या किसी भी अन्य बाधा की पहचान रीयल-टाइम में खुद करेगा। दुर्घटना की सूचना मिलते ही रीजनल कमांड सेंटर अलर्ट हो जाएगा, जिससे राहत एवं बचाव दल को गोल्डन ऑवर के भीतर मौके पर भेजकर यात्रियों की जान बचाई जा सकेगी। 
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12 माह में लागू होगी योजना 
ईएचएमसीएल ने इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए 12 महीने की समय सीमा तय की है। इसके बाद, अगले 5 साल (60 महीने) तक इसका संचालन और रखरखाव भी इसी प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा ताकि यात्रियों को निरंतर सुरक्षा सेवाएं मिलती रहें। परियोजना के तहत हरियाणा के सोहना में एक रीजनल कमांड सेंटर बनाया जाएगा, जो स्थानीय केंद्रों और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय केंद्र के साथ मिलकर काम करेगा। यह त्रि-स्तरीय निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि कोई भी घटना या उल्लंघन नजरों से बच न पाए।  यह प्रोजेक्ट दिल्ली-एसीआर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे को कवर करेगा। इसे दो श्रेणियों में बांटा गया है। 
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-इन सड़कों पर लगेगा नया फुल-स्केल एआई सिस्टम (408 किमी) :
-दिल्ली-गुड़गांव-कोटपुतली (एनएच-48) : 63 किमी का मुख्य हिस्सा।
-राजीव चौक (गुड़गांव) से सोहना (एनएच-248ए) : 9 किमी का पैकेज-1।
-मुजफ्फरनगर-मीरापुर सेक्शन (एनएच-709एडी) : 26 किमी का हिस्सा।
-शामली बाईपास और शामली-सहारनपुर मार्ग : 63 किमी का खंड।
-इसमाइलाबाद-अंबाला (एनएच-152) : 43 किमी का हिस्सा।

-इन मौजूदा हाईवे पर होगा हाई-टेक अपग्रेड (797 किमी) : 
-दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : इसके चारों पैकेज को अपग्रेड किया जाएगा।
-दिल्ली-सहारनपुर (एनएच-709बी) : बागपत और लोनी के बीच के खंड।
—दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे : हरियाणा के तीन महत्वपूर्ण पैकेज। 
-मेरठ-नजीबाबाद (एनएच-119) और मेरठ-बुलंदशहर (एनएच-235): महत्वपूर्ण यूपी कनेक्टिविटी।
-रेवाड़ी-नारनौल (एनएच-11) : हरियाणा का फीडर रूट।

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