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एम्स के आईसीयू में मरीजों को रोबोट से मिलेगी फिजियोथेरेपी
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एम्स के आईसीयू में मरीजों को रोबोट से मिलेगी फिजियोथैरेपी
- राजधानी में अंतरराष्ट्रीय फिजियोथैरेपी सम्मेलन हुआ संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी की चोटों, आघात एवं अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से पीड़ित मरीजों को रोबोट के जरिये अब एम्स में फिजियोथैरेपी का लाभ मिल सकेगा। बताया जा रहा है कि इससे मरीजों की मानसिक और संवेदी कार्य क्षमताओं में सुधार होगा। मरीजों के शीघ्र पुनर्वास के लिए एम्स के फिजियोथैरेपी विभाग जल्द ही इस तकनीक को शुरू करने जा रहा है। रविवार को सातवें अंतरराष्ट्रीय फिजियोथैरेपी सम्मेलन के समापन पर एम्स के विशेषज्ञों ने ये जानकारी दी। एम्स परिसर में संपन्न इस सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे एवं एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी मौजूद रहे। आयोजन सचिव डॉ. निर्मल कुमार ने बताया कि बुजुर्गों की बढ़ती आबादी के साथ फिजियोथैरेपी के लिए यह अनिवार्य है कि वे चिकित्सा कर्मियों के साथ काम करने के दौरान अपने आप को नवीनतम प्रवृतियों एवं नवाचारों से अवगत रहें ताकि वे मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें सर्वोत्तम उपचार प्रदान कर सकें। राज्य मंत्री चौबे ने बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही एलायड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स बिल 2018 लेकर आ रही है, जिसके बाद देश में फिजियोथैरेपी के लिए एक नियम लागू होगा। साथ ही इस पेशे में नीम हकीमों पर लगाम कसी जा सकेगी।
एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि आईसीयू में रोबोट का उपयोग शुरू होने से फिजियोथैरेपी में व्यापक बदलाव आ सकता है। इसकी मदद से ऊपरी और निचले अंगों की समस्याओं से ग्रस्त मरीजों का शीघ्र से शीघ्र पुनर्वास किया जा सकेगा।
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- राजधानी में अंतरराष्ट्रीय फिजियोथैरेपी सम्मेलन हुआ संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी की चोटों, आघात एवं अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से पीड़ित मरीजों को रोबोट के जरिये अब एम्स में फिजियोथैरेपी का लाभ मिल सकेगा। बताया जा रहा है कि इससे मरीजों की मानसिक और संवेदी कार्य क्षमताओं में सुधार होगा। मरीजों के शीघ्र पुनर्वास के लिए एम्स के फिजियोथैरेपी विभाग जल्द ही इस तकनीक को शुरू करने जा रहा है। रविवार को सातवें अंतरराष्ट्रीय फिजियोथैरेपी सम्मेलन के समापन पर एम्स के विशेषज्ञों ने ये जानकारी दी। एम्स परिसर में संपन्न इस सम्मेलन में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे एवं एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी मौजूद रहे। आयोजन सचिव डॉ. निर्मल कुमार ने बताया कि बुजुर्गों की बढ़ती आबादी के साथ फिजियोथैरेपी के लिए यह अनिवार्य है कि वे चिकित्सा कर्मियों के साथ काम करने के दौरान अपने आप को नवीनतम प्रवृतियों एवं नवाचारों से अवगत रहें ताकि वे मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें सर्वोत्तम उपचार प्रदान कर सकें। राज्य मंत्री चौबे ने बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही एलायड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स बिल 2018 लेकर आ रही है, जिसके बाद देश में फिजियोथैरेपी के लिए एक नियम लागू होगा। साथ ही इस पेशे में नीम हकीमों पर लगाम कसी जा सकेगी।
एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि आईसीयू में रोबोट का उपयोग शुरू होने से फिजियोथैरेपी में व्यापक बदलाव आ सकता है। इसकी मदद से ऊपरी और निचले अंगों की समस्याओं से ग्रस्त मरीजों का शीघ्र से शीघ्र पुनर्वास किया जा सकेगा।
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