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Delhi News: असहाय महिलाओं की पेंशन योजना में 200 करोड़ का घोटाला
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घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने खुलासा करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी सरकार के शासनकाल में असहाय महिलाओं की पेंशन योजना में लगभग 200 करोड़ रुपये का वार्षिक घोटाला सामने आया है। दिल्ली की जनता अब रेखा गुप्ता सरकार से इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की अपेक्षा रखती है।
वीरेंद्र सचदेवा के अनुसार, दिल्ली सरकार की ओर से दी जाने वाली 2500 रुपये मासिक असहाय महिला पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। जांच में पाया गया कि 3,81,539 पंजीकृत महिलाओं में से 60,573 मामले फर्जी निकले, जिनमें महिलाओं के न तो पते मिले और न ही उनके वहां रहने के प्रमाण। इसके अतिरिक्त 22,795 मामले डुप्लीकेट या संदिग्ध पाए गए। सचदेवा ने बताया कि यह योजना उन महिलाओं के लिए शुरू की गई थी, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है या जो पूरी तरह असहाय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना की आड़ में आप सरकार के मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों या पार्टी फंड के लिए करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की गई है। उन्होंने सीधा सवाल पूछा कि क्या यह 200 करोड़ रुपये हर साल आम आदमी पार्टी के चंदे में जाता रहा?
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने खुलासा करते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी सरकार के शासनकाल में असहाय महिलाओं की पेंशन योजना में लगभग 200 करोड़ रुपये का वार्षिक घोटाला सामने आया है। दिल्ली की जनता अब रेखा गुप्ता सरकार से इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की अपेक्षा रखती है।
वीरेंद्र सचदेवा के अनुसार, दिल्ली सरकार की ओर से दी जाने वाली 2500 रुपये मासिक असहाय महिला पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया। जांच में पाया गया कि 3,81,539 पंजीकृत महिलाओं में से 60,573 मामले फर्जी निकले, जिनमें महिलाओं के न तो पते मिले और न ही उनके वहां रहने के प्रमाण। इसके अतिरिक्त 22,795 मामले डुप्लीकेट या संदिग्ध पाए गए। सचदेवा ने बताया कि यह योजना उन महिलाओं के लिए शुरू की गई थी, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है या जो पूरी तरह असहाय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना की आड़ में आप सरकार के मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों या पार्टी फंड के लिए करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की गई है। उन्होंने सीधा सवाल पूछा कि क्या यह 200 करोड़ रुपये हर साल आम आदमी पार्टी के चंदे में जाता रहा?
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