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दिल्ली : स्कूलों में बीस फीसदी बच्चे परिवहन सुविधा न मिलने के कारण नहीं आएंगे
Mon, 14 Feb 2022 04:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 14 Feb 2022 04:30 AM IST
सार
परिवहन के साथ यूनिफॉर्म भी बन रही स्कूल की राह का बाधा। कामकाजी अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में जता रहे असमर्थता। बड़े बच्चों को स्कूल भेजने में एक अभिभावक के 70 रुपए खर्च हो रहे हैं।
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पहली के आठवीं कक्षा के स्कूल खुले
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली में नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाओं तक के स्कूल आज से खुल रहे हैं। स्कूलों में कम ही अभिभावक अपने बच्चों भेजेंगे। जहां बीस फीसदी बच्चे परिवहन सुविधा नहीं मिलने के कारण स्कूल नहीं आएंगे। वहीं कई अभिभावकों की परेशानी यह है कि यूनिफॉर्म छोटी हो गई है और अब वह सर्दियों की यूनिफॉर्म खरीदना नहीं चाहते हैं। वहीं जो अभिभावक पहले से बड़े बच्चों को भेज रहे हैं उनके स्कूल भेजने में 70 सेे 100 रुपये खर्च हो रहे हैं।
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कामकाजी अभिभावक बच्चों को सोमवार से स्कूल भेजने में असमर्थता जता रहे हैं। इसका कारण है कि कुछ स्कूल अभी भी परिवहन सुविधा नहीं दे रहे हैं। अभिभावक जयंत ने बताया कि उनका बच्चा पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल में दसवीं में पढ़ता है। उनके घर से स्कूल की दूरी चार किलोमीटर है। कोरोना से पहले तो बच्चे को स्कूल लाने ले जाने के लिए प्राइवेट कैब लगी हुई थी। लेकिन अभी कैब वाले भी कम बच्चों को स्कूल ले जाना नहीं चाह रहे हैं। इस कारण से जयंत के बच्चे को रिक्शा से स्कूल जाना पड़ रहा है इसमें उनके 70-100 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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दक्षिणी दिल्ली में रहने वाले इशरत बताते हैं कि उनके भाई और भाभी दोनों कामकाजी हैं। इसलिए बीते सप्ताह से वह भाई की बेटी को स्कूल से ला ले जा रहे हैं। वहीं अगले सप्ताह से छोटी बेटी भी स्कूल जाएगी तब उसे भी वही लेकर आएंगे। अभी उन्हें स्कूल जाने के लिए कैब या बस नहीं मिल रही है।
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हमें खुशी है आज हमारे स्कूल में नर्सरी कक्षा से आठवीं कक्षा तक के छोटे बच्चे दो साल बाद स्कूल आएंगे। अभिभावक भी बच्चों के स्कूल जाने पर खुश हैं। बच्चे लंबे समय से स्कूल से दूर थे। इसलिए उन पर बोझ डालने के बजाय उन्हें विभिन्न रोचक गतिविधियों से पढ़ाया जाएगा।
- एस के यादव, प्रधानाचार्य, एसआर कैपिटल पब्लिक स्कूल
बच्चों के स्वागत के लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है, 9वीं से 12वीं के बच्चे पहले से आ रहे हैं। इस बीच छोटी कक्षाओं के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों मोड में बच्चों को पढ़ाया जाएगा। अभी तीसरी से आठवीं तक के बच्चों को बुलाया जा रहा है। छोटे बच्चों के लिए स्कूल लंबे समय बाद खुल रहे हैं, इसलिए मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि बच्चों का बकाया कोर्स जल्द से जल्द पूरा हो, जिससे कि समय पर परीक्षा ली जा सके।
-नीता दुआ, प्रिंसिपल, लिटिल फ्लावर पब्लिक स्कूल