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वर धान सभा की रिसर्च विंग का हो सकता गठन, विधायकों को मिलेगी विशेषज्ञ सलाह
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विधानसभा की रिसर्च विंग का हो सकता है गठन
विधायकों को मिलेगी विशेषज्ञ सलाह, विधायक सोमनाथ भारती ने उठाया मसला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा विधायकों को विधायी कार्यों में मदद के लिए विशेषज्ञों को जोड़ने की संभावना तलाशेगी। अध्यक्ष राम निवास गोयल की अध्यक्षता वाली जनरल परपज कमेटी (जीपीसी) इस पर विचार करेगी। विधान सभा इसके लिए फेलोशिप व इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू कर सकती है। दिल्ली सरकार ने भरोसा दिया है कि वह इसके लिए जरूरी फंड मुहैया कराएगी।
अल्पकालिक चर्चा के दौरान बृहस्पतिवार को विधायक सोमनाथ भारती ने इस मसले को सदन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अपने देश की संसद के साथ दुनिया के विकसित विधायिकाओं की अपनी रिसर्च विंग होती है। यह जन प्रतिनिधियों को विषय विशेष के संदर्भ में शोध करके जरूरी आंकड़े देती है। इससे जनप्रतिनिधि मजबूती से अपनी बात सदन के सामने रख पाते हैं। लेकिन दिल्ली के विधायकों के पास एक लिपिक तक नहीं है। उसे सारे काम खुद करने पड़ते हैे। भारती ने विधानसभा अध्यक्ष ने गुजारिश की वह दिल्ली एसेंबली रिसर्च विंग का गठन करें।
सरकार फंड देने को तैयार
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी माना कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए इस तरह विंग जरूरी है। सदन चाहे तो इसके लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू कर सकता है। इसके अलावा जरूरी होने पर फेलोशिप या स्कॉलरशिप प्रोग्राम भी ला सकता है। दिल्ली सरकार इसके लिए वित्त मुहैया कराएगी।
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जीपीसी करेगी मसले पर चर्चा
बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जीपीसी इस मसले पर चर्चा में होगी। इसमें विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर सोमनाथ भारती को भी रखा जाए। कमेटी इस तरह की विंग के गठन की संभावना पर चर्चा कर इसकी रिपोर्ट सदन के सामने रखेगी। गोयल ने बताया कि सदन को पेपरलेस करने के लिए उन्होंने दिल्ली सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजा है। इस पर करीब 20 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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विधायकों को मिलेगी विशेषज्ञ सलाह, विधायक सोमनाथ भारती ने उठाया मसला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा विधायकों को विधायी कार्यों में मदद के लिए विशेषज्ञों को जोड़ने की संभावना तलाशेगी। अध्यक्ष राम निवास गोयल की अध्यक्षता वाली जनरल परपज कमेटी (जीपीसी) इस पर विचार करेगी। विधान सभा इसके लिए फेलोशिप व इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू कर सकती है। दिल्ली सरकार ने भरोसा दिया है कि वह इसके लिए जरूरी फंड मुहैया कराएगी।
अल्पकालिक चर्चा के दौरान बृहस्पतिवार को विधायक सोमनाथ भारती ने इस मसले को सदन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि अपने देश की संसद के साथ दुनिया के विकसित विधायिकाओं की अपनी रिसर्च विंग होती है। यह जन प्रतिनिधियों को विषय विशेष के संदर्भ में शोध करके जरूरी आंकड़े देती है। इससे जनप्रतिनिधि मजबूती से अपनी बात सदन के सामने रख पाते हैं। लेकिन दिल्ली के विधायकों के पास एक लिपिक तक नहीं है। उसे सारे काम खुद करने पड़ते हैे। भारती ने विधानसभा अध्यक्ष ने गुजारिश की वह दिल्ली एसेंबली रिसर्च विंग का गठन करें।
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सरकार फंड देने को तैयार
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी माना कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए इस तरह विंग जरूरी है। सदन चाहे तो इसके लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू कर सकता है। इसके अलावा जरूरी होने पर फेलोशिप या स्कॉलरशिप प्रोग्राम भी ला सकता है। दिल्ली सरकार इसके लिए वित्त मुहैया कराएगी।
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जीपीसी करेगी मसले पर चर्चा
बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जीपीसी इस मसले पर चर्चा में होगी। इसमें विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर सोमनाथ भारती को भी रखा जाए। कमेटी इस तरह की विंग के गठन की संभावना पर चर्चा कर इसकी रिपोर्ट सदन के सामने रखेगी। गोयल ने बताया कि सदन को पेपरलेस करने के लिए उन्होंने दिल्ली सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजा है। इस पर करीब 20 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।