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बिहार से तस्करी कर दिल्ली लाए गए 14 किशोर, दस आरोपी गिरफ्तार
Thu, 10 Sep 2020 01:45 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 01:45 AM IST
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में मजदूरों ने अपने-अपने घरों का रुख किया, तो कई राज्यों में मजदूरों की कमी हो गई। मानव तस्करों ने इसका फायदा उठाकर नाबालिग लड़कों की बिहार से तस्करी शुरू कर दी। पुरानी दिल्ली स्टेशन थाना पुलिस ने आरपीएफ और एनजीओ के साथ मिलकर ऐसे ही मानव तस्करी कर लाए गए 14 लड़कों को सकुशल मुक्त कराया है।
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पुलिस ने 10 मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी लड़कों की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर उनके परिवार को बहलाकर इन्हें दिल्ली लाए थे। लड़कों से दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में मजदूरी कराई जानी थी। पुलिस ने सभी लड़कों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया, जहां से सभी को लाजपत नगर स्थित क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया।
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रेलवे के पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एक एनजीओ ने सोमवार को उन्हें सूचना दी थी कि महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन से बिहार से 14 लड़कों को मानव तस्करी कर दिल्ली लाया जा रहा है।
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सूचना के बाद फौरन एक टीम का गठन किया गया। आरपीएफ, बचपन बचाओ आंदोलन और सलाम बालक ट्रस्ट के सदस्यों को भी इसमें शामिल किया गया। सोमवार को जैसे ही ट्रेन रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
इस बीच शक के आधार पर पुलिस ने दस लोगों को रोका। इनके साथ कुल 14 लड़के थे। सभी बिहार के थे। पता चला कि लड़कों को मानव तस्करी कर लाया गया है।
इस पर पुलिस ने सभी दस आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान मो. अकबर, मंजूर आलक, नौशाद, तसुवील, मो. नसीम, अमन कुमार शर्मा, नूर आलम, मो. महराज, मशकूर आलम और महेश लाल केवट के रूप में हुई है।
आरोपियों ने बताया कि इन सभी लड़कों को दिल्ली में सीलमपुर, आजादपुर, हरियाणा में फरीदाबाद और पंजाब मजदूरी के लिए भेजा जाना था। बदले में इनको मोटी रकम मिलनी थी।