{"_id":"5cc4fb47bdec220763578e68","slug":"121556413255-delhi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकुंभ शब्दोत्सव में हुआ सशक्त महिलाओं का सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकुंभ शब्दोत्सव में हुआ सशक्त महिलाओं का सम्मान
विज्ञापन
कविकुंभ शब्दोत्सव में हुआ
सशक्त महिलाओं का सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को आईआईएमसी परिसर में कविकुंभ शब्दोत्सव का आयोजन किया गया। यहां विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली देशभर की महिलाओं को सम्मानित किया गया। जॉयश्री अरोड़ा और शहीना खान को शिखर सम्मान से नवाजा गया। वहीं, शिकागो की रहने वाली अलका आर. शर्मा को प्रवासी सम्मान मिला।
मासिक पत्रिका कविकुंभ की संपादक और कार्यक्रम की आयोजक रंजिता सिंह ने बताया कि अकेले दम पर पहचान बनाने वाली महिलाओं को यह सम्मान दिया जाता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया, चित्रा देसाई, रेखा सेठी मुख्य अतिथि रहीं। इस दौरान साहित्य पर परिचर्चा और कविता पाठ भी हुआ। ‘साहित्य की सत्ता और सत्ता का साहित्य’ विषयक परिचर्चा में लीलाधर जगूड़ी, डॉ. कमल किशोर गोयनका और अशोक वाजपेयी ने विचार रखे। विहाग वैभव, अदनान कफील और वंदना गुप्ता की कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अदनान कफील की कविता और शायरी भी सराही गई। उनकी पहचान मानी जाने वाली कविता ‘मेरी दुनिया के तमाम बच्चे’ सुनाने के लिए लोगों ने विशेष फरमाइश की।
विज्ञापन
सशक्त महिलाओं का सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शनिवार को आईआईएमसी परिसर में कविकुंभ शब्दोत्सव का आयोजन किया गया। यहां विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली देशभर की महिलाओं को सम्मानित किया गया। जॉयश्री अरोड़ा और शहीना खान को शिखर सम्मान से नवाजा गया। वहीं, शिकागो की रहने वाली अलका आर. शर्मा को प्रवासी सम्मान मिला।
मासिक पत्रिका कविकुंभ की संपादक और कार्यक्रम की आयोजक रंजिता सिंह ने बताया कि अकेले दम पर पहचान बनाने वाली महिलाओं को यह सम्मान दिया जाता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया, चित्रा देसाई, रेखा सेठी मुख्य अतिथि रहीं। इस दौरान साहित्य पर परिचर्चा और कविता पाठ भी हुआ। ‘साहित्य की सत्ता और सत्ता का साहित्य’ विषयक परिचर्चा में लीलाधर जगूड़ी, डॉ. कमल किशोर गोयनका और अशोक वाजपेयी ने विचार रखे। विहाग वैभव, अदनान कफील और वंदना गुप्ता की कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अदनान कफील की कविता और शायरी भी सराही गई। उनकी पहचान मानी जाने वाली कविता ‘मेरी दुनिया के तमाम बच्चे’ सुनाने के लिए लोगों ने विशेष फरमाइश की।
विज्ञापन