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फीस बढ़ोतरी और एरियर की वापसी के लिए अभिभावक संघ ने दिल्ली सरकार पर उठाया सवाल
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फीस बढ़ोतरी के लिए अभिभावक संघ
ने दिल्ली सरकार पर उठाया सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी और एरियर से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन ने रविवार को बैठक की। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने की।
बैठक में स्कूलों द्वारा एरियर और बढ़ी हुई फीस लेने के विरोध में विस्तार से चर्चा की गई। निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में अभिभावक संघ द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। अपराजिता गौतम ने कहा कि हाईकोर्ट में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर जो अंतरिम राहत मिली है वह खुशी क्षणिक है, क्योंकि ये राहत केवल सोमवार तक है।
उन्होंने कहा कि अगर हाईकोर्ट का आदेश 10-15 दिन पहले आया होता तो अभिभावकों के लिए ज्यादा बेहतर होता। एक ओर स्कूल लगभग सारी फीस (एरियर और बढ़ी हुई) फीस इकट्ठा कर चुके हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि कोर्ट का अंतिम फैसला अभिभावकों के हक में आता है तो क्या दिल्ली सरकार बढ़ी हुई फीस और एरियर वापस दिलाने की जिम्मेदारी लेती है।
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उन्होंने बैठक में छठे वेतन आयोग का 1800 करोड़ 10 साल बाद भी वापस नहीं मिलने का हवाला दिया। इसके साथ ही, सातवें वेतन आयोग का पैसा भी बकाया है। अभिभावकों ने जताया कि अगर दिल्ली सरकार ने इस मामले में कुछ भी लापरवाही की तो अभिभावक संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा।
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ने दिल्ली सरकार पर उठाया सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी और एरियर से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन ने रविवार को बैठक की। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने की।
बैठक में स्कूलों द्वारा एरियर और बढ़ी हुई फीस लेने के विरोध में विस्तार से चर्चा की गई। निजी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में अभिभावक संघ द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। अपराजिता गौतम ने कहा कि हाईकोर्ट में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर जो अंतरिम राहत मिली है वह खुशी क्षणिक है, क्योंकि ये राहत केवल सोमवार तक है।
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उन्होंने कहा कि अगर हाईकोर्ट का आदेश 10-15 दिन पहले आया होता तो अभिभावकों के लिए ज्यादा बेहतर होता। एक ओर स्कूल लगभग सारी फीस (एरियर और बढ़ी हुई) फीस इकट्ठा कर चुके हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि कोर्ट का अंतिम फैसला अभिभावकों के हक में आता है तो क्या दिल्ली सरकार बढ़ी हुई फीस और एरियर वापस दिलाने की जिम्मेदारी लेती है।
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उन्होंने बैठक में छठे वेतन आयोग का 1800 करोड़ 10 साल बाद भी वापस नहीं मिलने का हवाला दिया। इसके साथ ही, सातवें वेतन आयोग का पैसा भी बकाया है। अभिभावकों ने जताया कि अगर दिल्ली सरकार ने इस मामले में कुछ भी लापरवाही की तो अभिभावक संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा।