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दसवीं के छात्र ने फंदा लगाकर दी जान
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नई दिल्ली। ख्याला इलाके के रघुवीर नगर में शुक्रवार शाम दसवीं कक्षा के एक छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शुरूआती जांच में पता चला है कि छात्र परीक्षा देकर घर लौटने के बाद से तनाव में था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृत छात्र की शिनाख्त आयुष सिंह(14) के रूप में हुई है। वह अपने पिता अजय सिंह और परिवार के सदस्यों के साथ रघुवीर नगर में रहता था। रात सवा सात बजे पुलिस को गुरुगोविंद सिंह अस्पताल से एक किशोर के फांसी लगाए जाने की जानकारी मिली। अस्पताल पहुंची पुलिस को पता चला कि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की।
मां ने बताया कि आयुष विश्व भारती पब्लिक स्कूल में दसवीं का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा देने के लिए स्कूल गया था। दोपहर में आने के बाद वह परेशान लग रहा था। मां को लगा कि उसका पेपर ठीक नहीं गया है। घर के भूतल पर मरम्मत का काम चल रहा था। इसलिए वह पहली मंजिल के कमरे में चला गया। छह बजे शाम तक नीचे नहीं आने पर मां कमरे में देखने गई। दरवाजा बंद था। काफी खटखटाने पर कोई जवाब नहीं आने पर मजदूरों की मदद से दरवाजे को तोड़ा। अंदर कमरे में आयुष पंखे से लटका हुआ था। उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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मृत छात्र की शिनाख्त आयुष सिंह(14) के रूप में हुई है। वह अपने पिता अजय सिंह और परिवार के सदस्यों के साथ रघुवीर नगर में रहता था। रात सवा सात बजे पुलिस को गुरुगोविंद सिंह अस्पताल से एक किशोर के फांसी लगाए जाने की जानकारी मिली। अस्पताल पहुंची पुलिस को पता चला कि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की।
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मां ने बताया कि आयुष विश्व भारती पब्लिक स्कूल में दसवीं का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा देने के लिए स्कूल गया था। दोपहर में आने के बाद वह परेशान लग रहा था। मां को लगा कि उसका पेपर ठीक नहीं गया है। घर के भूतल पर मरम्मत का काम चल रहा था। इसलिए वह पहली मंजिल के कमरे में चला गया। छह बजे शाम तक नीचे नहीं आने पर मां कमरे में देखने गई। दरवाजा बंद था। काफी खटखटाने पर कोई जवाब नहीं आने पर मजदूरों की मदद से दरवाजे को तोड़ा। अंदर कमरे में आयुष पंखे से लटका हुआ था। उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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