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पुलिस के रडार पर 100 ईरानी
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नई दिल्ली। इस्राइली दूतावास के पास शुक्रवार को हुए बम धमाके में पुलिस की स्पेशल सेल के रडार पर करीब 100 ईरानी हैं। ये पिछले तीन महीने में भारत आए हैं। इनमें से ज्यादातर अभी दिल्ली में ही रुके हैं। दिल्ली पुलिस की एफआरआरओ यूनिट के डाटा से यह बात सामने आई है। पुलिस इन लोगों के मोबाइल की लोकेशन का अध्ययन किया जा रहा है। इनके मोबाइल पर जम्मू-कश्मीर की तरफ से आए कॉल पर खास ध्यान है।
सेल के एक अधिकारी ने बताया कि एफआरआरओ के मुताबिक, तीन महीने में भारत आए करीब 100 ईरानियों में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। दूसरी तरफ, मौके से मिली सीसीटीवी फुटेज से कोई खास सुराग हाथ नहीं लगा है। ब्राजील एंबेसी के सीसीटीवी कैमरों से भी कुछ नहीं मिला। एंबेसी के कैमरों के सामने पेड़ की टहनियां हैं। स्पेशल सेल के अधिकारी का कहना है कि रविवार शाम तक पुलिस को ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे तफ्तीश आगे बढ़ सके।
इधर, पुलिस लैटर व मौके से उठाए गए विस्फोटक के सैंपल को सोमवार को जांच के लिए भेजेगी। सेल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि गृह मंत्रालय जल्द ही धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप देगा।
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शुक्रवार को हुए बम धमाके से पैदा हुआ तनाव ऐसा असर दिखा रहा है कि रविवार को दूतावास के पास धुआं उठने से अफरा-तफरी फैल गई। धुआं उठता देख सुरक्षाकर्मी उधर की ओर लपके। बाद में पता चला कि इस्राइली दूतावास के पास ब्राजील एंबेसी है। इसके सुरक्षा गार्ड ने रविवार दोपहर करीब 12:07 बजे बंदरों को भगाने वाली बंदूक चला दी थी। इससे गोली चलने जैसी आवाज आई और चारों तरफ धुआं-धुआं हो गया। इससे वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शुरू में लगा कि फिर से कम तीव्रता वाला बम धमाका हो गया है। ब्राजील एंबेसी के सुरक्षा गार्ड के बंदर भगाने वाली बंदूक चलाने का पता चलने पर पुलिसकर्मियों ने उसे काफी खरी-खोटी सुनाई।
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सेल के एक अधिकारी ने बताया कि एफआरआरओ के मुताबिक, तीन महीने में भारत आए करीब 100 ईरानियों में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। दूसरी तरफ, मौके से मिली सीसीटीवी फुटेज से कोई खास सुराग हाथ नहीं लगा है। ब्राजील एंबेसी के सीसीटीवी कैमरों से भी कुछ नहीं मिला। एंबेसी के कैमरों के सामने पेड़ की टहनियां हैं। स्पेशल सेल के अधिकारी का कहना है कि रविवार शाम तक पुलिस को ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे तफ्तीश आगे बढ़ सके।
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इधर, पुलिस लैटर व मौके से उठाए गए विस्फोटक के सैंपल को सोमवार को जांच के लिए भेजेगी। सेल के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि गृह मंत्रालय जल्द ही धमाके की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप देगा।
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शुक्रवार को हुए बम धमाके से पैदा हुआ तनाव ऐसा असर दिखा रहा है कि रविवार को दूतावास के पास धुआं उठने से अफरा-तफरी फैल गई। धुआं उठता देख सुरक्षाकर्मी उधर की ओर लपके। बाद में पता चला कि इस्राइली दूतावास के पास ब्राजील एंबेसी है। इसके सुरक्षा गार्ड ने रविवार दोपहर करीब 12:07 बजे बंदरों को भगाने वाली बंदूक चला दी थी। इससे गोली चलने जैसी आवाज आई और चारों तरफ धुआं-धुआं हो गया। इससे वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को शुरू में लगा कि फिर से कम तीव्रता वाला बम धमाका हो गया है। ब्राजील एंबेसी के सुरक्षा गार्ड के बंदर भगाने वाली बंदूक चलाने का पता चलने पर पुलिसकर्मियों ने उसे काफी खरी-खोटी सुनाई।