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Delhi NCR News: डीयू में अधिकार रैली के दौरान यू-ट्यूबर के साथ मारपीट
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- इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब पर पानी और कूड़ेदान फेंका गया, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
-पीपुल्स लिटरेचर फेस्टिवल में मंच से बोल रहे थे इरफान हबीब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में इन दिनों साहित्य महोत्सव चल रहा है, लेकिन बृहस्पतिवार को इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब पर पानी फेंकने और शुक्रवार को यू-ट्यूबर के साथ मारपीट की घटना ने कैंपस के माहौल को गरमा दिया है। डीयू के आर्ट्स फैकल्टी में छात्र संगठन आइसा के समता उत्सव के नाम से पीपल्स लिटरेचर फेस्टिवल में प्रो. हबीब के बोलने पर पानी और कूड़ेदान फेंकने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस घटना पर छात्र संगठन आइसा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप लगाया। आइसा का कहना है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में रुकावट डालने का प्रयास किया। सीपीआई (एम) ने भी इस घटना की निंदा की। सीपीआई (एम) की ओर से कहा गया कि डीयू में दक्षिणपंथी लिटरेरी फेस्टिवल के विकल्प के रूप में विचारों के मंच के तौर पर आयोजित किया गया था।
सीपीआई (एम) ने मांग की है कि इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और डीयू परिसर में लोकतांत्रिक कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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वहीं एबीवीपी ने इन आरोपों को सिरे से नकारा। एबीवीपी की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि छात्रों के बीच एबीवीपी की बढ़ती लोकप्रियता से वामपंथी छात्र संगठन विचलित हो गए हैं। इस कारण से ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। एबीवीपी की ओर से कहा गया है कि इरफान हबीब जैसे वामपंथी इतिहासकारों के विचारों को छात्रों के साथ-साथ समाज ने भी नकार दिया है।
एबीवीपी दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 9 से 11 फरवरी तक मदारी नाम से एक कला महोत्सव आयोजित किया। उसमें डीयू समेत अन्य विश्वविद्यालयों की नुक्कड़ नाटक समितियों ने हिस्सा लिया। इस सफल आयोजन से आइसा परेशान होकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
अधिकार रैली में मारपीट की घटना
शुक्रवार को आइसा की अधिकार रैली में मारपीट की घटना हुई। अधिकार रैली इरफान हबीब पर पानी फेंकने और यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस को लागू करने और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए आयोजित की गई थी। इसमें शामिल छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। रैली में एक यू-ट्यूबर के सवाल करने पर मारपीट की घटना हुई, उनके साथ हाथापाई भी हुई। इससे कैंपस का माहौल गरमा गया है। वहीं आइसा ने इस घटना से अपना पल्ला झाड़ लिया है। जबकि एबीवीपी ने इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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-पीपुल्स लिटरेचर फेस्टिवल में मंच से बोल रहे थे इरफान हबीब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में इन दिनों साहित्य महोत्सव चल रहा है, लेकिन बृहस्पतिवार को इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब पर पानी फेंकने और शुक्रवार को यू-ट्यूबर के साथ मारपीट की घटना ने कैंपस के माहौल को गरमा दिया है। डीयू के आर्ट्स फैकल्टी में छात्र संगठन आइसा के समता उत्सव के नाम से पीपल्स लिटरेचर फेस्टिवल में प्रो. हबीब के बोलने पर पानी और कूड़ेदान फेंकने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस घटना पर छात्र संगठन आइसा ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप लगाया। आइसा का कहना है कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में रुकावट डालने का प्रयास किया। सीपीआई (एम) ने भी इस घटना की निंदा की। सीपीआई (एम) की ओर से कहा गया कि डीयू में दक्षिणपंथी लिटरेरी फेस्टिवल के विकल्प के रूप में विचारों के मंच के तौर पर आयोजित किया गया था।
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सीपीआई (एम) ने मांग की है कि इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और डीयू परिसर में लोकतांत्रिक कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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वहीं एबीवीपी ने इन आरोपों को सिरे से नकारा। एबीवीपी की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि छात्रों के बीच एबीवीपी की बढ़ती लोकप्रियता से वामपंथी छात्र संगठन विचलित हो गए हैं। इस कारण से ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। एबीवीपी की ओर से कहा गया है कि इरफान हबीब जैसे वामपंथी इतिहासकारों के विचारों को छात्रों के साथ-साथ समाज ने भी नकार दिया है।
एबीवीपी दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 9 से 11 फरवरी तक मदारी नाम से एक कला महोत्सव आयोजित किया। उसमें डीयू समेत अन्य विश्वविद्यालयों की नुक्कड़ नाटक समितियों ने हिस्सा लिया। इस सफल आयोजन से आइसा परेशान होकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
अधिकार रैली में मारपीट की घटना
शुक्रवार को आइसा की अधिकार रैली में मारपीट की घटना हुई। अधिकार रैली इरफान हबीब पर पानी फेंकने और यूजीसी इक्विटी रेगुलेशंस को लागू करने और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए आयोजित की गई थी। इसमें शामिल छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। रैली में एक यू-ट्यूबर के सवाल करने पर मारपीट की घटना हुई, उनके साथ हाथापाई भी हुई। इससे कैंपस का माहौल गरमा गया है। वहीं आइसा ने इस घटना से अपना पल्ला झाड़ लिया है। जबकि एबीवीपी ने इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।