{"_id":"5e2f148c8ebc3e4b1a0f50b1","slug":"women-became-shield-to-save-men-in-shaheen-bagh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शाहीन बाग : पुरुषों को बचाने के लिए ढाल बनीं महिलाएं, शुरू किया राष्ट्रगान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहीन बाग : पुरुषों को बचाने के लिए ढाल बनीं महिलाएं, शुरू किया राष्ट्रगान
Mon, 27 Jan 2020 10:19 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Mon, 27 Jan 2020 10:19 PM IST
विज्ञापन
शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहीन बाग के प्रदर्शन में एक बार फिर सोमवार को पुलिस के बल प्रयोग की अफवाह उड़ी। बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचने और लाठीचार्ज शुरू होने की अफवाह के बाद प्रदर्शनकारियों ने रणनीति के तहत सभी के हाथों में तिरंगा थमाया और इसके बाद महिलाएं पुरुषों को बचाने के लिए ढाल बन गईं।
सोमवार को प्रदर्शन के बीच में किसी ने अफवाह उड़ाई कि पुलिस ने फरीदाबाद की ओर से आने वाले रास्ते से घुसकर लाठीचार्ज शुरू कर दिया है। इसकी सूचना मिलते ही गलियों से लोगों को पुलिस का सामना करने के लिए बुलाया जाने लगा। कुछ लोग दुकानों को जबरन बंद कराने लगे। इस दौरान सैकड़ों लोग महिलाओं के साथ बेरिकेडिंग के किनारे बैठ गए। हर किसी के मोबाइल पर शाहीन बाग का माहौल जानने की उत्सुकता थी। प्रदर्शन स्थल पर जमकर शोर-शराबा हो रहा था।
कुछ देर में ही भगदड़ जैसा माहौल बन गया। मंच से लगातार लोगों से शांत रहने की अपील की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को रोकने की रणनीति के तहत मंच से राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया। साथ ही महिलाओं को आगे कर उनके हाथों में तिरंगा थमा दिया गया। काफी देर तक हंगामा होने के बाद महिलाओं का जत्था बेरिकेडिंग के किनारे बैठ गया। दूसरी ओर चंद पुलिसवाले खड़े थे। वे भीड़ से शांत रहने की अपील करते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को प्रदर्शन के बीच में किसी ने अफवाह उड़ाई कि पुलिस ने फरीदाबाद की ओर से आने वाले रास्ते से घुसकर लाठीचार्ज शुरू कर दिया है। इसकी सूचना मिलते ही गलियों से लोगों को पुलिस का सामना करने के लिए बुलाया जाने लगा। कुछ लोग दुकानों को जबरन बंद कराने लगे। इस दौरान सैकड़ों लोग महिलाओं के साथ बेरिकेडिंग के किनारे बैठ गए। हर किसी के मोबाइल पर शाहीन बाग का माहौल जानने की उत्सुकता थी। प्रदर्शन स्थल पर जमकर शोर-शराबा हो रहा था।
विज्ञापन
कुछ देर में ही भगदड़ जैसा माहौल बन गया। मंच से लगातार लोगों से शांत रहने की अपील की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को रोकने की रणनीति के तहत मंच से राष्ट्रगान शुरू कर दिया गया। साथ ही महिलाओं को आगे कर उनके हाथों में तिरंगा थमा दिया गया। काफी देर तक हंगामा होने के बाद महिलाओं का जत्था बेरिकेडिंग के किनारे बैठ गया। दूसरी ओर चंद पुलिसवाले खड़े थे। वे भीड़ से शांत रहने की अपील करते दिखे।
विज्ञापन
पत्रकारों को कवरेज से रोका मीडिया के खिलाफ नारेबाजी
कवरेज के लिए शाहीन बाग पहुंचे पत्रकारों को देखते ही प्रदर्शनकारियों ने पूरा माहौल गर्म कर दिया। मंच से पत्रकारों को कवरेज से रोकने के लिए लगातार अपील की जाने लगी। मंच से कहा गया कि पत्रकारों को बेरिकेडिंग के दूसरी ओर ही रोक दिया जाए। इस दौरान लोगों ने जमकर हंगामा किया तो पुलिस बल भी पहुंच गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से कहासुनी शुरू कर दी। इसके बाद मीडिया के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
प्रदर्शनकारियों के दो गुट आपस में भिड़े
लाठीचार्ज की अफवाह फैलने के बाद शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों का एक-दूसरे पर आरोप था कि वे पुलिस के मुखबिर हैं। इसके बाद दोनों गुटों के युवाओं में भिड़ंत शुरू हो गई। इसे रोकने के लिए बुजुर्गों को सामने आना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों के दो गुट आपस में भिड़े
लाठीचार्ज की अफवाह फैलने के बाद शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों का एक-दूसरे पर आरोप था कि वे पुलिस के मुखबिर हैं। इसके बाद दोनों गुटों के युवाओं में भिड़ंत शुरू हो गई। इसे रोकने के लिए बुजुर्गों को सामने आना पड़ा।