क्यों पति से अलग रहने लगीं किरण बेदी
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फिलहाल दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की प्रत्याशी किरण बेदी खासी चर्चा में हैं। कम ही लोग उनसे उनके पति के बीच दूरी के बारे में जानते हैं।
प्रोफेशनल जीवन में अत्यंत सफल किरण बेदी व्यक्तिगत जीवन में अकेले रहती हैं जबकि, उनके पति उनसे अलग रहती हैं। आखिर किरण बेदी अपने परिवार से अलग क्यों रहती हैं?
एक अंग्रजी मैगजीन की मानें तो किरण बेदी और उनके पति बृज बेदी के अलग होने की खास वजह है जिसे कम ही लोग जानते हैं। फिलहाल बृज बेदी अमृतसर में रहते हैं और उनके बारे में भी लोगों को कम ही पता है।
(फोटो साभार: इंडिया टुडे)
एग्जाम में फेल हुए थे किरण बेदी के पति
एक अंग्रेजी मैगजीन को दिए इंटरव्यू में बृज बेदी को बताया कि वह सिख गुरू, गुरू नानक के खानदान से संबंध रखते हैं। उन्होंने बताया कि 1971 में जब वह खालसा कॉलेज में थे तभी उनकी मुलाकात कुछ ऐसे लोगों से हुई जिन्होंने उन्हें टेनिस खेलना और फोटोग्राफी करना सिखाया।
इस खेल ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि एग्जाम के दिन भी वह टेनिस खेलते रहे और जब नतीजे आए तो पता चला कि वह फेल हो चुके थे।
1971 में किरण बेदी एमए कर चंडीगढ़ से अमृतसर पहुंची। किरण बेदी टेनिस बहुत अच्छा खेलती थीं। उनके पिता चाहते थे कि वह टेनिस में ऊंचा मकाम पाएं।
किरण बेदी से पहले किसी और को चाहते थे बृज बेदी
किरण बेदी ने अपने पिता को निराश नहीं किया और टेनिस में एशियन चैंपियन बनीं। इसी दौरान एक क्लब में किरण की मुलाकात बृज बेदी से हुई और जल्द ही दोनों अच्छे दोस्त बन गए।
बृज बेदी ने बताया कि जब वह अमृतसर में थे तो दिल्ली की एक लड़की को वो पसंद करते थे। लेकिन पारंपरिक परिवार से होने के चलते लड़की के घर वालों ने उस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया।
हालांकि, इसके बाद किरण बेदी से उनकी नजदीकियां बढ़ने लगीं और दोनों ने जीवन भर एक दूसरे के साथ चलने का फैसला किया।
आईएएस में नाम न आने पर निराश हो गईं थी किरण बेदी
बृज बेदी और उनकी पत्नी किरण बेदी की उम्र में दस साल का अंतर है। अमृतसर आने के बाद किरण बेदी ने खालसा कॉलेज में पढ़ाना शुरु कर दिया और आईएएस की तैयारी में लग गईं।
आईएएस न बनने के स्थिति में कनाडा जाकर पीएचडी करने की भी उनकी योजना थी। आईएएस में नाम न आने के बाद वह बेहद निराश हो गईं थीं।
आईपीएस में नाम आने के बावजूद उनके घर वाले उन्हें पुलिस में नहीं भेजना चाहते थे क्योंकि तब तक कोई भी महिला भारतीय पुलिस सेवा में नहीं गई थी।
पति की प्रेरणा से आईपीएस ज्वाइन किया
बृज बेदी के प्रोत्साहित करने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में जाने का निश्चय किया। किरण बेदी की पोस्टिंग दिल्ली में हुई। जल्दी ही उनके घर वाले और उनकी बहन भी दिल्ली शिफ्ट हो गए और किरण बेदी के साथ ही रहने लगे।
इस दौरान बृज बेदी हफ्ते में एक बार उनसे मिलने दिल्ली जाया करते थे। बृज बेदी के मुताबिक इस दौरान किरण बेदी के परिजन उनके निजी जीवन में हस्तक्षेप काफी बढ़ चुका था।
ये बात बृज बेदी को पसंद नहीं आई और यहीं से दोनों के बीच दूरी बढ़ने लगी। इस दौरान किरण बेदी ने एक बेटी को जन्म दिया।
ससुराल पक्ष की उपेक्षा ने बढ़ाई पति-पत्नी के बीच दूरी
अपने परिवार के साथ किरण बेदी का लगाव इस कदर था कि ससुराल पक्ष की उपेक्षा स्वाभाविक थी। किरण बेदी और उनके पति के बीच बढ़ती इस दूरी का सबसे ज्यादा असर उनकी बेटी सुकृति पर पड़ा।
बेहद व्यस्त होने के कारण किरण अपनी बेटी को मुश्किल से समय दे पाती थीं। जबकि बृज से उनकी मुलाकात कुछ खास मौकों पर हो पाती थी।
किरण बेदी और उनके पति के बीच हफ्ते में एक बार होने वाली मुलाकात धीरे-धीरे इतनी कम हो गई कि बृज बेदी लगातार आठ साल तक दिल्ली गए ही नहीं।
साभार: पंजाब मॉनीटर