मामला दर्ज होते ही फरार हुआ 'बिल्डर बाबा'
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बिल्डर बाबा व पूर्व महामंडलेश्वर सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद गिरि 1.38 करोड़ की धोखाधड़ी करने के आरोप के बाद से फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
क्राइम ब्रांच ने सचिन दत्ता, पीएनबी के अधिकारी व कर्मचारी समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट एसएसपी किरण एस को सौंपी, जिसके बाद धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
क्राइम ब्रांच को सितंबर में अहिंसाखंड-2 इंदिरापुरम की श्री बालाजी रेजीडेंसी में फ्लैट के खरीदारों ने शिकायत दी थी। इसमें आरोप था कि श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन ने बिना उनकी जानकारी के फर्जी दस्तावेज के आधार पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस से लाखों रुपये का लोन ले लिया।
नौ लोगों पर धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट
फ्लैट लेते समय बैंक लोन की कार्रवाई बिल्डर की तरफ से ही की गई थी। लिहाजा, बिल्डर के पास खरीदारों के सभी दस्तावेज मौजूद थे। पांच खरीदारों में से चार के नाम में बदलाव कर दिया गया।
फ्लैट मालिकों को फर्जीवाड़े का तब पता चला, जब पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड सेक्टर-18 से दो कर्मचारी श्री बालाजी रेजीडेंसी पहुंचे। उन्होंने फ्लैट मालिकों को बताया कि उनके फ्लैट बिल्डर की तरफ से उनके यहां पर गिरवी रखे हुए हैं।
पहले बिल्डर खुद इन लोन पर ईएमआई भर रहा था, लेकिन अब बिल्डर ने इनकी किश्त भरनी बंद कर दी है। मामले की गहनता से क्राइम ब्रांच ने चार माह में जांच समाप्त की और सेक्टर-58 थाने में सचिन दत्ता समेत नौ लोगों पर धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।