उफान पर यमुना, खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा जल स्तर, मदद के लिए सेना तैयार
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प्रशासन बढ़ते जल स्तर को लेकर मुस्तैदी बरत रहा है। देर रात तक यमुना का जल स्तर बढ़कर 206 पहुंचने की संभावना है। इससे ज्यादा जल का स्तर बढ़ता है तो सरकार सेना की मदद लेगी।
सोमवार को दिल्ली के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने गीता कालोनी ठोकर 18 और 21 पर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात का उचित सुविधाएं मुहैय्या करवाने के निर्देश दिए। उन्होनें बाढ़ पीड़ितों से कहा कि उन्हें कोई भी परेशानी को तो वे फोन से संपर्क किया जा सकता है।
इस बाबत उन्होंने लोगों को अपना मोबाइल नंबर भी बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी। जल स्तर में सोमवार शाम 6 बजे तक .25 मीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
10 हजार लोगों को शिविरों में किया शिफ्ट
इन क्षेत्रों में डीएनडी फ्लाईओवर मयूर विहार एक्सटेंशन खेती क्षेत्र, नर्सरी पुश्ता मयूर विहार खादर क्षेत्र, अक्षरधाम मंदिर के पीछे का यमुना क्षेत्र, यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन का से जुड़ा खादर क्षेत्र, आईटीओ ब्रिज खादर क्षेत्र, हाथी ठोकर नंबर 10 और 11, ठोकर नंबर-12 शकरपुर, ठोकर 13, 14 और 15, गीता कालोनी ठोकर 16, 17, 18 और 21 शामिल हैं।
नर्सरी पुश्ता पर 50 परिवारों को नहीं मिले शिविर
मयूर विहार नोएडा लिंक रोड पर करीब 50 परिवरों को प्रशासन की ओर से कोई सुविधा नहीं मिल पाई है। ये लोग डीएनडी क्षेत्र में हैं। यहां पर रह रही रानी देवी ने बताया कि सभी लोग खुद की तिरपाल लगाकर रहने की व्यवस्था की है। उन्हें न तो खाना मिल रहा और अन्य सुविधाएं।
37 बोट और 250 राहत कर्मी मुस्तैद
एडीएम ईस्ट दिल्ली
ठोकर 21 का निरीक्षण करते वक्त एडीएम ईस्ट दिल्ली अजय कुमार ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण देर रात तक जल स्तर 206 तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा से पानी छोडने में कमी आती है तो यमुना के जल स्तर में गिरावट आएगी, लेकिन जब तक जल स्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आता तक तब विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शिविर नहीं मिल सके हैं उन्हें भी जल्द शिविर मिल जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को ब्रेकफास्ट, भोजन, पानी, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा सुविधा और बिजली की सुविधा दी जा रही है।
निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा
यमुना के बढ़ते जलस्तर के बाद शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। सोमवार को जिलाधिकारी ने बाढ़ जोन में लगे अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिला अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि हथिनी कुंड बांध से शनिवार को 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी सोमवार रात तक यहां पहुंचने की आशंका है। ऐसे में यमुना नदी के तट पर बसे ग्रामीणों को बाढ़ से बचाने के संबंध में सचेत कर दिया गया है।
साथ ही जिलाधिकारी के निर्देशन में बांध पर रात-दिन कार्य किया जा रहा है। ताकि बाढ़ का पानी गांव में प्रवेश न करे और यमुना के पानी से बांध को नुकसान न होने पाए। जिला प्रशासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी ग्रामीण को बाढ़ के कारण नुकसान न होने पाए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एवं बाढ़ के नोडल अधिकारी एनके लांबा ने बताया कि 2 दिन पूर्व हथनी कुंड बांध से यमुना में 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी सोमवार रात तक यमुना में होता हुआ गौतमबुद्ध नगर की सीमा में पहुंच जाएगा।
जिसके कारण कामबख्शपुर, याकूबपुर, मोमनाथल एवं सफीपुर गांव को अत्यंत खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कामबख्शपुर गांव के पास यमुना के पानी की धारा का रुख बदलकर गांव की ओर कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध को बचाने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं ताकि कहीं पर बांध क्षतिग्रस्त ना हो जाए।
- कई जगह चूहों ने बांध को पहुंचाया नुकसान
सिंचाई विभाग ने जब बांध का निरीक्षण किया तो देखा कि कई जगह पर चूहों ने बांध को नुकसान पहुंचाया है। वहां पर मिट्टी की भराई करा दी गई है। साथ ही कुछ स्थानों पर बांध के किनारे बोरियों में मिट्टी भरकर सटा दिया गया ताकि बांध पर पानी के दबाव को कम किया जा सके।
सभी अधिकारियों को बाढ़ के संबंध में सचेत कर दिया गया है। सभी बाढ़ चौकियों पर जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वह ड्यूटी पर मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। उपजिला अधिकारी व अन्य अधिकारियों द्वारा खतरे वाले क्षेत्र में निरंतर भ्रमण किया जा रहा है।
- बीएन सिंह, जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर