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दिल्ली हिंसाः रोज 100 करोड़ का नुकसान, फैक्ट्रियां बंद, होलसेल का धंधा भी पड़ा मंदा

Wed, 26 Feb 2020 07:18 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 26 Feb 2020 07:18 PM IST
सार

-हिंसा के कारण छोटी मार्केट तो बंद ही हैं, होलसेल का धंधा भी मंदा पड़ा
-गांधी नगर, कृष्णा नगर बाजार के साथ सदर व चांदनी चौक भी प्रभावित

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Violence in north-east Delhi is causing loss of 100 crores everyday
हिंसाग्रस्त इलाके में मौजूद सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हो रही हिंसा ने व्यापारियों की भी परेशानी बढ़ा दी है। छोटी मार्केट तो बंद ही हैं, साथ ही होलसेल मार्केट का धंधा भी मंदा हो गया है। पूर्वी दिल्ली की हिंसा ने न केवल यमुना पार, बल्कि सदर बाजार और चांदनी चौक समेत पुरानी दिल्ली के सभी बाजारों की रौनक भी खत्म कर दी है।

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व्यापारियों की मानें तो प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार प्रभावित हो रहा है। अनुमान है कि अभी तक 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

पुरानी दिल्ली के सभी बाजार इन दिनों सूने पड़े हैं। उधर, हिंसा वाले इलाके से थोड़ी दूर स्थित गारमेंट के लिए मशहूर गांधी नगर, कृष्णा नगर का लाल क्वॉर्टर बाजार, जाफराबाद का जैकेट बाजार, मेहरा कॉलोनी स्थित फर्नीचर बाजार और गोकलपुरी का टायर बाजार समेत सभी स्थानीय बाजारों का व्यापार चौपट हो गया है। गांधी नगर थोड़ी देर के लिए खुलता तो जरूर है, लेकिन जैसे ही अफवाह का बाजार गर्म होता है, तो दुकानदार घर लौट जाते हैं।
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होलसेल रेडीमेड मार्केट अशोक बाजार गांधी नगर एसोसिएशन के अध्यक्ष केके बल्ली का कहना है कि गांधी नगर में महज 10-15 प्रतिशत ही व्यापार हो पा रहा है। वेलकम, जाफराबाद, सीलमपुर में माल बनता है, लेकिन यहां भड़की हिंसा की वजह से सभी फैक्ट्रियां बंद हैं।
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घर से बाहर निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे कारीगर

Violence in north-east Delhi is causing loss of 100 crores everyday
हिंसाग्रस्त इलाके में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला

इसी तरह मौजपुर, गोकलपुरी, करावल नगर में सबसे अधिक कारीगर रहते हैं। हिंसा की वजह से वह घर से निकलने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे हैं। होली पर पूरे देश के व्यापारी कपड़ा खरीदने यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस बार धंधा मंदा हो गया है।

दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा ने बताया कि अफवाहों की वजह से भी व्यापार चौपट है। रोज व्यापार करने पहुंचने वाले व्यापारी भी डर की वजह से सदर बाजार नहीं पहुंच रहे हैं। शाम 6 बजे से पहले ही शटर बंद होने लगते हैं।

पूर्वी दिल्ली से बनने वाला माल सदर बाजार नहीं पहुंच पा रहा है। त्योहार के दिनों में बाजार ठंडा पड़ा हुआ है। व्यापारियों ने सभी से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा है कि व्यापारियों के नुकसान के लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

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