स्नैचिंग की शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला, पुलिस ने कहा- क्यों पहनती हो बुढ़ापे में जेवर
जेवर ठगी का शिकार होने के बाद मामला दर्ज करने थाने पहुंची बुजुर्ग महिला की मदद करने के बजाय नोएडा पुलिस ने उल्टा उन्हें ताना मारा। मंगलवार को सेक्टर-20 थाने पहुंची सेवानिवृत्त मेजर जनरल की पत्नी से पुलिसकर्मियों ने कहा बुढ़ापे में जेवरात पहनकर चलने की क्या जरूरत है।
पीड़िता की बेटी ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी ओपी सिंह को ट्वीट करके पुलिसकर्मी के व्यवहार की शिकायत की। जिसके बाद डीजीपी के पीआरओ ने पुलिसकर्मी की ओर से माफी मांगी और सेक्टर-20 थाना पुलिस को फटकार लगाई।
दरअसल, सेक्टर-28 में सेवानिवृत्त मेजर जनरल की पत्नी एम वासुदेवा मंगलवार को किसी काम से सेक्टर-31 गई थी। जब वह ई-रिक्शा से उतरी तो सेक्टर-26 पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर दो बाइक सवार 4 युवक अचानक सामने आ गए।
उन्होंने महिला के हाथ की चार उंगलियों में अंगूठी और हाथ में सोने का मोटा कड़ा देखकर कहा कि यहां पर बदमाशों का आतंक है और कभी भी लूटपाट कर देते हैं। ऐसे में जेवर उतारकर रख लें। पीड़िता ने पूछा कि वह किस हैसियत से यह बात कह रहे हैं। इस पर युवकों ने एक फर्जी आईडी दिखाई, जिसमें पुलिस वर्दी में उनकी फोटो भी थी।
पीड़िता ने युवकों को पुलिसकर्मी समझ उनकी बात पर विश्वास कर लिया। महिला ने अपनी हीरा जड़ित अंगूठी और हाथ से कंगन आदि उतार लिए। आरोपी युवकों ने एक कागज दिया, जिसमें गहने रखवा दिए। उसी दौरान ठगों ने बंडल बदलकर महिला को थमा दिया। महिला अपना काम निपटाकर घर पहुंची और जेवरात देखे तो उसमें कुछ नकली जेवरात रखे थे। महिला फिर घटना स्थल पर पहुंची मगर जब तक आरोपी करीब ढाई लाख के जेवरात लेकर फरार हो चुके थे।
पीड़िता ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सेक्टर-20 में तैनात पुलिस कर्मियों ने बुजुर्ग महिला की मद्द करने के बजाय उन्हीं को ताना दे डाला कि बुढ़ापे में जेवरात पहनकर चलने की क्या जरूरत है। पीड़िता को यह बात बुरी लगी और उन्होंने इसे अपने पति और बेटी से साझा किया।
मुंबई निवासी उनकी बेटी दिलप्रीता ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, डीजीपी ओपी सिंह को ट्वीट करके पूरे मामले की शिकायत की। मामले में डीजीपी के पीआरओ राहुल श्रीवास्तव ने ट्वीट का जवाब देते हुए सबसे पहले पीड़िता से पुलिसकर्मी की ओर से माफी मांगी। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-20 थाना पुलिस को फटकार लगाई। वहीं, इस मामले के बाद आला अधिकारियों ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह प्रत्येक पुलिसकर्मी को शालीनता का पाठ पढ़ाए।