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दिल्लीः स्वच्छता सर्वेक्षण में फिसड्डी रहने पर पूर्वी निगम में हंगामा, पार्षदों ने मांगा आयुक्त का इस्तीफा
Thu, 27 Aug 2020 07:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 27 Aug 2020 07:18 AM IST
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पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बैठक...
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्वी दिल्ली नगर निगम में बुधवार को हुई सदन की बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण में निगम की खराब रैंकिंग को लेकर चर्चा हुई। इसमें पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने निगम के खराब प्रदर्शन के लिए निगमायुक्त को जिम्मेदार ठहराया।
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वहीं, कुछ पार्षदों ने निगमायुक्त के इस्तीफे की भी मांग की। सदन की बैठक निगम के नेता सदन प्रवेश शर्मा ने शुरू की। इसके बाद महापौर द्वारा पार्षद से रैंकिंग में सुधार करने के लिए सुझाव मांगे गए। अधिकतर पार्षदों ने निगमायुक्त को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जब भी लोगों की समस्या के लिए निगमायुक्त से मिलने का समय मांगा जाता है तो वह अपने कार्यालय में नहीं मौजूद होती हैं।
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वहीं, पक्ष के पार्षदों ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जो नाले दिल्ली सरकार के अंतर्गत आते हैं उनमें गाद न निकलने की वजह से निगम की स्वच्छता रैंकिंग पर प्रभाव पड़ा है। साथ ही फरवरी महीने में हुए उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे भी खराब रैंकिंग में जिम्मेदार हैं।
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कुछ पार्षदों ने राय देते हुए कहा कि भविष्य में निगम की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए निगरानी समिति का गठन किया जाना चाहिए। इस समिति में पक्ष और विपक्ष दोनों दल के पार्षद शामिल होने चाहिए। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि प्रत्येक वार्ड में कूड़ा निस्तारण के लिए कॉम्पोस्टर की व्यवस्था की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर निगमायुक्त दिलराज कौर ने अपनी जिम्मेदारी बताते हुए खराब रैंकिंग के लिए स्वयं को भी जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि हमारे पास संसाधन और धन की कमी है। निगमायुक्त ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग को तिमाही भागों में बांट कर किया गया था। इसमें अप्रैल से लेकर जून तक और जुलाई से लेकर सितंबर तक पूर्वी निगम दक्षिणी और उत्तरी निगम से काफी आगे रहा था। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में पूर्वी निगम को भी खुले में शौच से मुक्त किया गया है। गौरतलब है कि इस बार के स्वच्छता सर्वेक्षण में पूर्वी निगम को 47 शहरों के निकायों में 46वा स्थान प्राप्त हुआ है।
निगमायुक्त सीएम को लिखकर देंगे तो स्वच्छता कर्मचारियों के परिजनों को एक करोड़: रहमान
सदन की बैठक में पार्षदों ने कोरोना काल में शहीद हुए स्वच्छता कर्मचारियों को दिल्ली सरकार द्वारा एक- एक करोड रुपये न देने का मुद्दा भी उठाया। इस पर सदन में मौजूद आम आदमी पार्टी के विधायक अब्दुल रहमान ने कहा कि यदि तीनों नगर निगम के आयुक्त लिखकर मुख्यमंत्री को देंगे तो स्वच्छता कर्मचारियों के परिजनों को भी दिल्ली सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये की मदद राशि दिलाने के लिए कोशिश की जाएगी। पार्षदों द्वारा पीडब्ल्यूडी के नालों की सफाई को लेकर उठाए गए मुद्दे पर रहमान ने कहा कि सभी पार्षद यदि लिखकर नालों की जानकारी देंगे तो पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाले नालों की सफाई कराई जाएगी।