'उड़ान' से युवाओं को मिलेगी रोजगार में मदद, जानें कैसे
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गुड़गांव पुलिस ने ‘उड़ान’ नामक परियोजना शुरू कर कम्युनिटी पुलिसिंग में एक नई पहल की। रविवार को हरियाणा पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंघल ने परियोजना की शुरुआत की।
इस दौरान सिंघल ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे पुलिसिंग के कार्य में आम लोगों का सहयोग लें, क्योंकि समुदाय के सहयोग के बिना प्रभावी पुलिसिंग संभव नहीं है, चाहे हम कितने भी पुलिसकर्मी लगा दें।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि उड़ान परियोजना के तहत 60 युवाओं के पहले बैच को हॉस्पिटैलिटी में निशुल्क प्रशिक्षण इसी संस्था द्वारा दिया जाएगा।
स्कूल ऑफ स्किल डेवलपमेंट इन हॉस्पिटैलिटी की निदेशक संगीता रंजीत ने बताया कि उनके यहां दो महीने का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को सरकारी मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट मिलेगा।
प्रशिक्षण के दौरान इन युवाओं को जीवन जीने की कला, धनराशि के प्रबंधन, मेडीटेशन आदि के बारे में सिखाया जाएगा, जिससे इनके जीवन में आमूलचूल परिवर्तन नजर आएगा।
सिंघल ने उड़ान परियोजना शुरू करने के लिए गुड़गांव पुलिस के प्रयासों की सराहना की और कहा कि साधनहीन युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लायक बनाने से उन्हें जीवन में एक लक्ष्य मिलेगा और वे अपने जीवन को संवार पाएंगे।
अन्यथा ये युवा दो वक्त की रोटी के लिए आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल होने से गुरेज नहीं करेंगे। यह समाज के लिए अहितकर होगा और इससे पुलिस के लिए दिक्कतें भी बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं समाज में पुलिस की छवि निखारने में मदद करती हैं।
वहीं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक देशराज सिंह ने बताया कि कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत उड़ान पहली परियोजना है। इस दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त सौैरभ सिंह, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) नाजनीन भसीन, पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) दीपक सहारन, पुलिस उपायुक्त (यातायात) विनोद कौशिक समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस आयुक्त नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि पुलिस ने सोसायटी फॉर सेफ गुड़गांव गठित करने का जो निर्णय लिया था, उसे हाल ही में पुलिस महानिदेशक ने स्वीकृति दे दी।
इसके तहत विभिन्न कंपनियों ने कॉरपोरेट सोशल रेंस्पॉन्सबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत गुड़गांव पुलिस को पांच करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था।
इससे पुलिस को आधुनिक उपकरण तथा वाहन खरीदने में मदद मिलेगी। विर्क ने बताया कि गुड़गांव में ऑपरेशन मुस्कान के तहत 500 से ज्यादा बच्चों को मुक्त करवाकर उनके परिवार से मिलवाया गया और 200 से ज्यादा बच्चों को मुक्त करवाकर चाइल्ड केयर होम में भेजा गया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि उड़ान परियोजना के पहले बैच के युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिलेगा, जिसको देखकर और भी युवा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आगे आएंगे।