उबर रेप केस में क्या फिर से होगी पूरे मामले पर बहस?
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उबर कैब रेप केस में याचिका दायर कर आरोपी ने पुलिस की जांच पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच में कई गंभीर खामियां रहीं, जिन्हें उजागर करने के लिए अभियोजन के गवाहों से दोबारा बहस करना जरूरी है।
आरोपी के अधिवक्ता ने कहा इन खामियों का लाभ आरोपी को मिल सकता था लेकिन उनसे संबंधित सवाल आरोपी के पहले अधिवक्ता ने नहीं पूछे। आरोपी कैब चालक शिव कुमार यादव ने अभियोजन के सभी 28 गवाहों को बुलाने के लिए याचिका दायर की है। याचिका पर बुधवार को भी बचाव पक्ष अपनी दलीलें पेश करेगा।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत में सुनवाई पर रोक लगाने से मंगलवार को इनकार कर दिया। दूसरा निचली अदालत ने बचाव पक्ष के पेश न होने के कारण सुनवाई के लिए बुधवार की तारीख तय कर दी।
पुलिस ने की है काफी गड़बड़ी
जस्टिस सुनीता गुप्ता की पीठ के समक्ष आरोपी के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने पीठ की अनुमति से हिंदी भाषा में बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि घटना स्थल, एमएलसी, सेक्सुअल किट व कार की बरामदगी व परीक्षण स्थल के बारे में पुलिस ने काफी गड़बड़ी की है और इसे साबित करने के लिए गवाहों से कई सवाल पूछे जाने जरूरी हैं जोकि अधिवक्ता ने पहले नहीं पूछे।
पीठ के समक्ष करीब ढाई घंटे चली बहस के दौरान अधिवक्ता ने पुलिस व अभियोजन की कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने अपने दो बयानों में घटनास्थल पता नहीं होने की बात कही है। पुलिस का कहना था कि वो घबरायी हुई थी लेकिन पुलिस को कॉल करने के बाद वह उसने चार बार थाईलैंड केे किसी मोबाइल नंबर पर बात की थी।
एमएलसी पर सवाल उठाते हुए कहा एक डॉक्टर के मुताबिक पीड़िता के शरीर पर किसी चोट आदि के निशान नहीं थे तो दूसरे के मुताबिक उसी एमएलसी में चोट के निशान व सूजन है। इसके बारे में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने ऐसे सवाल पूछे जिससे अभियोजन का केस और ज्यादा मजबूत हुआ।