दिल्ली विधानसभा में हंगामा, विजिटर्स गैलरी से सत्येंद्र जैन पर फेंके पर्चे, हुई एक महीने की जेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली विधानसभा सत्र के पहले दिन बुधवार को कार्यवाही के दौरान दर्शक दीघा से मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ नारेबाजी और अपनी मांग से जुड़ा पर्चे फेंके जिससे खूब हंगामा हुआ। दोनो लोग पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। थोड़ी देर के लिए अफरातफरी के हालात हो गए।
सुरक्षा कर्मियों को खूब मशक्कत करनी पड़ी लेकिन विधायक व बाहर लाने पर कुछ समर्थकों ने भी दोनो को पीटा। आम आदमी पार्टी जिंदाबाद, इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाने के साथ सत्येंद्र जैन से इस्तीफा मांगने वाले इन दोनो लोगों ने पीले रंग की सिख पगड़ी बांधी हुई थी। जिस पर जनरैल सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा ने संगत को बदनाम करने की बात भी रखी।
घटना के बाद सत्ताधारी विधायक गैलरी की तरफ दौड़े, सुरक्षा कर्मी दर्शक दीर्घा से नारेबाजी करने वाले दोनो लोगों को नीचे लेकर आए तो विधायक उन पर टूट पड़े। उन्हें इतना पीटा कि एक व्यक्ति जिसका नाम जगदीप राणा था, उसे पुलिस को स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने बताया कि चोट बहुत ज्यादा नहीं है।
इस हंगामे के बीच विस अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सुरक्षा कर्मियों को आदेश दिए कि इन्हें गिरफ्तार करके अगले आदेश तक विस परिसर में ही रखें। फिर सदन की कार्रवाई 2 बजकर 42 मिनट पर 30 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही 30 मिनट देरी की बजाय एक घंटे आठ मिनट देरी से 3 बजकर 50 मिनट पर शुरू हुई। जहां विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रस्ताव रखा कि जिन दो लोग जगदीप राणा और आर कुमार ने नारेबाजी की और पर्चे फेंके, ये सदन मव सदस्यों की अवमानना है। इन्हें 30 दिन केलिए जेल भेजा जाए।
इस पर खड़े होकर वोटिंग कराई गई जिसमें पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा को भी व्हीप जारी होने के कारण समर्थन करना पड़ा। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ। अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने केन्द्रीय कारागार तिहाड़ जेल अधीक्षक 30 दिन तक इन लोगों लोगों को जेल में रखने का वारेंट कमिटमेंट भेजा जिसमें सिविल लाइंस एसएचओ के माध्यम से जेल ले जाने का आदेश शामिल है।
द्वारका के विधायक ने उठाई अतिक्रमण की समस्या
द्वारका से विधायक आदर्श शास्त्री अपने इलाके में अतिक्रमण की समस्या नियम 280 के तहत 2 बजकर 40 मिनट पर उठा रहे थे। उसी दौरान दर्शक दीर्घा में पीले रंग की पगड़ी बांधकर बैठे दो युवक उठे जिसमें से एक ने छोटे-छोटे पर्चे कार्यवाही के दौरान सदन में उठाए और सत्येंद्र जैन जैन इस्तीफा दो, भ्रष्टाचार में डूबने की बात कही। इतना देखकर कु देर सभी सदस्य शांत हो गए लेकिन फिर नितिन त्यागी, अमानतउल्लाह खान और तमाम विधायक विधायक गैलरी की तरफ दौड़े जबकि अध्यक्ष ने मना किया था।
जो पर्चे फेंके उसमें लिखा था बहरों को सुनाने और गूंगों को बुलवाने केलिए देशभक्ति का काम किया है। हमने जो आज किया है, उस पर हमें गर्व है। हमारा यह कार्य पूरी तरह से अहिंसात्मक है। किसी को भी कोई नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है। पर्चे में लिखा है, हम आप के वो कार्यकर्ता हैं जो अन्ना आंदोलन के समय से जुड़े हैं।
रामनिवास गोयल, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक की जांच में सामने आया है जिन दो लोगों ने नारेबाजी की और पर्चे फेंके, उनके पास फार्म पर किसी विधायक के हस्ताक्षर नहीं है। कर्मचारी को कांफिडेंस में लेकर पास बनाए गए। रिकार्ड में है। मैं उसकी जांच कर रहा हूं। दोनों व्यक्तियों को एक महीने के लिए जेल भेजने का प्रस्ताव पास हुआ है। मैं इन्हें एक महीने जेल में रखने का आदेश दे रहा हूं। जो जांच में बाकी कुछ आएगा, उसे देखूंगा। जो मुझे अधिकतम अधिकार है, वो मैं कर रहा हूं।