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लड़कों के बोलबाले वाले खेल में इन दो लड़कियों ने दिखाया दम

Sun, 13 Mar 2016 10:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 13 Mar 2016 10:33 AM IST
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two girls of city got medal in national boxing championship
Boxing Champion Girls

शहर की बेटियां बॉक्सिंग जैसे खेल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर ऊंचाईयों को छू रही हैं। इस खेल में लड़कों का ही बोलबाला रहा है लेकिन अब लड़कियां भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश व अपने जिले का नाम रोशन कर रही हैं।

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दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने जा रही 8वीं गर्ल्स नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में शहर की दो बेटियों का चयन हुआ है। मन्नू निमावत और अनुपमा इस प्रतियोगिता में पंच लगाती नजर आएंगी।
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प्रतियोगिता 13 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित होगी। ऑल इंडिया बॉक्सिंग फेडरेशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर की करीब 150 लड़कियां स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक के लिए पसीना बहाएंगी। 
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अंतरराष्ट्रीय महिला बॉक्सर बनना है लक्ष्य
बॉक्सिंग नेशनल चैंपियन मन्नू निमावत के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ने की ठानी। पिता सत्यप्रकाश आर्मी से सेवानिवृत्त हैं।

वह अभी खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं। मनु सेक्टर-11 द्रोणाचार्य बॉक्सिंग अकादमी से प्रशिक्षण ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय कोच राजीव गोदारा ने बताया कि इनकी डाइट का खर्चा भी चंदा एकत्रित करके किया जाता है।

मन्नू में जीत का जज्बा और खेल के प्रति लग्न का नतीजा है कि वह 2015 में आयोजित ओपन नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर चैंपियन बनीं।

मन्नू बताती हैं कि उनके पापा का सपना है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला बॉक्सर खिलाड़ी बने, जिसे उन्होंने साकार करने की ठानी है। 

जिद के आगे झुकाया बड़े-बुजुर्गों को 
बचपन में टेलीविजन पर बॉक्सरों को पंच लगाते हुए देखा। बड़ी होने पर पढ़ाई के साथ बॉक्सिंग करने की इच्छा हुई, लेकिन घर में बड़े बुजुर्गों का सहयोग नहीं मिला। पलवल की रहने वाली अनुपमा की जिद के आगे परिवार वालों को झुकना ही पड़ा।

अनुपमा किसान की बेटी हैं। अपने भाई के साथ शहर की बॉक्सिंग अकादमी से प्रशिक्षण ले रही हैं। पलवल की रहने वाली यह बेटी भिवानी में संपन्न हुई राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने के साथ कई पदक हासिल कर चुकी है।


अनुपमा का अब अगला लक्ष्य नेशनल में गोल्ड जीतना है। इसके अलावा वह अप्रैल में गुवाहाटी में प्रस्तावित अंडर-19 आयु वर्ग में नेशनल स्कूल गेम में हिस्सा लेंगी। अनुपमा 75 से 81 भारवर्ग में खेलती हैं।  

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