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पहल: दिल्ली की सीमाओं पर पूरी तरह स्वचालित होगी टोल टैक्स और पर्यावरण क्षतिपूर्ति वसूली, MCD ने शुरू की तैयारी
Mon, 23 Mar 2026 05:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विनोद डबास, अमर उजाला, नई दिल्ली
विनोद डबास, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 23 Mar 2026 05:35 AM IST
सार
इसके लागू होने के बाद दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे जाम और प्रदूषण दोनों कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
दिल्ली की सीमाओं पर टोल टैक्स और पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूली की व्यवस्था अब पूरी तरह स्वचालित करने के लिए काम किया जा रहा है। इस कड़ी में एमसीडी एक योजना तैयार कर रही है। मल्टी लेन फ्री फ्लो तकनीक के जरिये बिना बैरियर के वाहनों से टोल और ईसीसी वसूला जाएगा।
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इसके लागू होने के बाद दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे जाम और प्रदूषण दोनों कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। एमसीडी के अनुसार, प्रस्तावित योजना में टोल वसूली में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
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सड़क के ऊपर लगाए जाने वाले गैंट्री पर लगे सेंसर, कैमरे गुजरने वाले वाहनों की पहचान करेंगे और उसी के आधार पर स्वचालित रूप से टोल और ईसीसी शुल्क वसूला जाएगा। फिलहाल दिल्ली की सीमाओं पर टोल प्लाजा पर बैरियर होने के कारण वाहनों को रुकना पड़ता है, जिससे लंबी कतारें लग जाती हैं और ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती है। नई प्रणाली में वाहन रुकेंगे नहीं तो समय बचेगा, ईंधन की खपत होने से प्रदूषण भी कम होगा।
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एमसीडी के अनुसार, यह कदम पर्यावरण से जुड़े मामले में भी महत्वपूर्ण है। इस मामले में कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं पर टोल प्लाजा के कारण होने वाले जाम और प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान आधुनिक और बैरियर-फ्री व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया था।
दिल्ली की सीमाओं पर यातायात का दबाव कम करने, प्रदूषण घटाने के लिए टोल वसूली की प्रणाली को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए विभिन्न स्तर पर सुझाव दिए गए हैं। इसके तहत एमएलएफएफ तकनीक को प्रभावी विकल्प बताया गया है। वाणिज्यिक वाहनों से टोल, ईसीसी की वसूली डिजिटल और बैरियर-फ्री तरीके से की जाएगी।
156 प्रवेश बिंदुओं पर यह व्यवस्था होगी लागू
एमसीडी अधिकारियों के मुताबिक, नई प्रणाली के तहत दिल्ली के करीब 156 प्रवेश बिंदुओं पर टोल और ईसीसी वसूली की व्यवस्था को स्वचालित किया जाएगा। इस व्यवस्था से टोल संग्रहण में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और मानवीय हस्तक्षेप कम होने से राजस्व में भी सुधार होगा। एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार, नई स्वचालित टोल प्रणाली के लिए विस्तृत टेंडर दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।