खून से खत लिख कर सीएम केजरीवाल को भेजा बुलावा
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नए सत्र की शुरुआत में अतिथि शिक्षकों को हटाने की आशंका को देखते हुए अतिथि शिक्षकों ने आंदोलन तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने की बाट जोह रहे अतिथि शिक्षकों ने खून से पत्र लिख कर मुख्यमंत्री को बुलावा भेजने के साथ क्रमिक अनशन की शुरुआत कर दी है।
उनका कहना है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता तो अनिश्चितकालीन अनशन की शुरुआत की जाएगी। ऑल गेस्ट टीचर एसोसिएशन के बैनर तले सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षक बीते चार दिनों से दिल्ली सचिवालय के पास डेरा डाले हैं।
बृहस्पतिवार को उन्हें वहां से हटाकर किसान घाट की तरफ भेज दिया गया। संघ के अध्यक्ष प्रवीण तोबड़िया ने बताया कि समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं होते देख अब शिक्षकों ने खून से ही अपना संदेश पहुंचाने का रास्ता चुना है।
खून से लिख भेजी केजरीवाल को समस्याएं
बृहस्पतिवार को शिक्षकों ने अपने खून से कागज पर लिखा कि उनकी समस्याओं के लिए केजरीवाल जी बाहर आओ। राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मुलाकात ही नहीं कर रहे हैं।
इसके लिए कुछ शिक्षकों ने धरना स्थल पर क्रमिक अनशन की शुरुआत भी कर दी। मुख्यमंत्री नहीं मिले तो अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा। दरअसल, उनकी मांग है कि स्कूलों में उनके पदों को रिक्त न दिखाया जाए।
उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। प्रक्रिया पूरे होने तक नवीनीकरण किया जाता रहे तथा किसी भी अतिथि अध्यापक को अपदस्थ ना किया जाए।