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Delhi NCR News: बाहरी और उत्तर पश्चिमी दिल्ली में मिलेगी जाम से निजात, बनेंगे तीन फ्लाईओवर
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सागरपुर से मायापुरी चौक, कंझावला चौक से मंगोलपुरी और आईएफसी केशोपुर डिपो से हैदरपुर तक फ्लाईओवर बनाने की योजना पर शुरू होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने राजधानी की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए परामर्श सेवाओं की निविदाएं जारी की हैं। इन परियोजनाओं में सागरपुर से मायापुरी चौक, कंझावला चौक से मंगोलपुरी आउटर रिंग रोड और आईएफसी सप्लीमेंट्री ड्रेन केशोपुर डिपो से हैदरपुर तक फ्लाईओवर निर्माण की संभाव्यता अध्ययन शामिल है।
ये परियोजनाएं दिल्ली की ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन स्थानों पर मुख्य समस्याएं जलभराव, सड़क क्षति, निर्माण कार्यों से मलबा और वाहनों की भारी भीड़ है। इससे यहां पर भीषण जाम लगता है। फ्लाईओवर बनने से यात्रा समय में 30-50 फीसदी की कमी होगी।
सागरपुर से मायापुरी चौक
यह इलाका विनोबा भावे मार्ग और मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा है। यहां पर सुबह-शाम भारी जाम लगता है। यहां पर मायापुरी फ्लाईओवर के नीचे बारिश के दौरान जलभराव यातायात को बुरी तरह प्रभावित करता है। यह क्षेत्र दक्षिणी इलाकों से कनेक्टिविटी का केंद्र होने के कारण प्रभावित होता है। निर्माण कार्यों और भारी ट्रैफिक दबाव के कारण जाम की स्थिति बनती है। फ्लाईओवर बनने से 5-6 किमी लंबा स्ट्रेच ट्रैफिक को ऊपरी स्तर पर ले जाया जाएगा, जिससे सिग्नल पर रुकावट कम होगी। यात्रियों को मायापुरी से सागरपुर तक 20-25 मिनट की बचत होगी। इसकी मदद से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पांच लाख से अधिक निवासियों को राहत मिलेगी।
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कंझावला चौक से मंगोलपुरी आउटर रिंग रोड
यह रूट कंझावला से मंगोलपुरी के बीच आउटर रिंग रोड को जोड़ता है। यहां पर ट्रक, बसें और लोकल ट्रैफिक का मिश्रण जाम पैदा करता है। मुख्य रूप से जर्जर सड़क और जलभराव से ट्रैफिक की स्थिति बिगड़ती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, कंझावला रोड पर यूईआर-2 और आउटर रिंग रोड के निकट अक्सर मरम्मत कार्यों से जाम की समस्या रहती है। फ्लाईओवर बनने से आठ से 10 किमी स्ट्रेच पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा, जिससे कंझावला से मंगोलपुरी तक की यात्रा 15-20 मिनट कम होेगी। इससे उत्तर-पश्चिम दिल्ली के औद्योगिक और आवासीय इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
आईएफसी केशोपुर डिपो से हैदरपुर
यह आउटर रिंग रोड का व्यस्त हिस्सा है। केशोपुर मंडी से हैदरपुर तक फैला है। यहां पर ड्रेन निर्माण कार्यों से मलबा बिखरा रहता है, जिससे कंजेशन बढ़ता है। जलभराव और भारी वाहनों की वजह से यात्रा समय दोगुना हो जाता है। पश्चिमी दिल्ली के इस स्ट्रेच पर जीटीके रोड, बदली रोड और आउटर रिंग रोड पर हमेशा भारी ट्रैफिक रहता है। फ्लाईओवर बनने से ड्रेन और रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। यात्रा समय 25-30 मिनट घटेगा। इससे पश्चिम दिल्ली के 10 लाख निवासियों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी मिलेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने राजधानी की यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए तीन प्रमुख फ्लाईओवर परियोजनाओं के लिए परामर्श सेवाओं की निविदाएं जारी की हैं। इन परियोजनाओं में सागरपुर से मायापुरी चौक, कंझावला चौक से मंगोलपुरी आउटर रिंग रोड और आईएफसी सप्लीमेंट्री ड्रेन केशोपुर डिपो से हैदरपुर तक फ्लाईओवर निर्माण की संभाव्यता अध्ययन शामिल है।
ये परियोजनाएं दिल्ली की ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने और बुनियादी ढांचे को उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन स्थानों पर मुख्य समस्याएं जलभराव, सड़क क्षति, निर्माण कार्यों से मलबा और वाहनों की भारी भीड़ है। इससे यहां पर भीषण जाम लगता है। फ्लाईओवर बनने से यात्रा समय में 30-50 फीसदी की कमी होगी।
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सागरपुर से मायापुरी चौक
यह इलाका विनोबा भावे मार्ग और मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा है। यहां पर सुबह-शाम भारी जाम लगता है। यहां पर मायापुरी फ्लाईओवर के नीचे बारिश के दौरान जलभराव यातायात को बुरी तरह प्रभावित करता है। यह क्षेत्र दक्षिणी इलाकों से कनेक्टिविटी का केंद्र होने के कारण प्रभावित होता है। निर्माण कार्यों और भारी ट्रैफिक दबाव के कारण जाम की स्थिति बनती है। फ्लाईओवर बनने से 5-6 किमी लंबा स्ट्रेच ट्रैफिक को ऊपरी स्तर पर ले जाया जाएगा, जिससे सिग्नल पर रुकावट कम होगी। यात्रियों को मायापुरी से सागरपुर तक 20-25 मिनट की बचत होगी। इसकी मदद से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पांच लाख से अधिक निवासियों को राहत मिलेगी।
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कंझावला चौक से मंगोलपुरी आउटर रिंग रोड
यह रूट कंझावला से मंगोलपुरी के बीच आउटर रिंग रोड को जोड़ता है। यहां पर ट्रक, बसें और लोकल ट्रैफिक का मिश्रण जाम पैदा करता है। मुख्य रूप से जर्जर सड़क और जलभराव से ट्रैफिक की स्थिति बिगड़ती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, कंझावला रोड पर यूईआर-2 और आउटर रिंग रोड के निकट अक्सर मरम्मत कार्यों से जाम की समस्या रहती है। फ्लाईओवर बनने से आठ से 10 किमी स्ट्रेच पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा, जिससे कंझावला से मंगोलपुरी तक की यात्रा 15-20 मिनट कम होेगी। इससे उत्तर-पश्चिम दिल्ली के औद्योगिक और आवासीय इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
आईएफसी केशोपुर डिपो से हैदरपुर
यह आउटर रिंग रोड का व्यस्त हिस्सा है। केशोपुर मंडी से हैदरपुर तक फैला है। यहां पर ड्रेन निर्माण कार्यों से मलबा बिखरा रहता है, जिससे कंजेशन बढ़ता है। जलभराव और भारी वाहनों की वजह से यात्रा समय दोगुना हो जाता है। पश्चिमी दिल्ली के इस स्ट्रेच पर जीटीके रोड, बदली रोड और आउटर रिंग रोड पर हमेशा भारी ट्रैफिक रहता है। फ्लाईओवर बनने से ड्रेन और रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। यात्रा समय 25-30 मिनट घटेगा। इससे पश्चिम दिल्ली के 10 लाख निवासियों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी मिलेगी।