राजधानी पर डेंगू का कहर जारी, बच्चे समेत तीन की मौत
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राजधानी में न तो डेंगू मरीजों की संख्या में कमी आ रही है और न ही बीमारी से मौत का सिलसिला रुक रहा है। एक बच्चे समेत तीन और लोगों की डेंगू से मौत का मामला सामने आया है।
तीनों मरीजों की मौत सरकारी अस्पतालों में हुई है। निगम के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक डेंगू के पांच हजार मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। निगम के अनुसार भले ही 17 मरीजों की मौत हुई है लेकिन गैर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 38 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है।
एम्स के प्रवक्ता डॉ. अमित गुप्ता ने बताया कि 22 सितंबर से एम्स के मेडिसिन वार्ड में भर्ती प्रथम (13) की मौत इलाज के दौरान हो गई।
उन्होंने बताया कि जिस समय उसे भर्ती कराया गया था उसके सिर में रक्त का स्राव हो चुका था और उसकी कोमा जैसी स्थिति थी। बताया जा रहा है की मरीज लक्ष्मीबाई नगर इलाके का रहने वाला था।
अलग-अलग अस्पतालों में मौत
सूत्रों की मानें तो एम्स से पहले उसे दो और निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था लेकिन उन अस्पतालों में जगह नहीं मिलने पर एम्स में भर्ती कराया गया।
स्वामी दयानंद अस्पताल में एक सप्ताह से भर्ती गजेंद्री देवी (50) की इलाज के दौरान रविवार दोपहर मौत हो गई। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक जांच में डेंगू की पुष्टि तो हुई ही थी साथ में उन्हें चेस्ट में इंफेक्शन और एनीमिया से भी पीड़ित थीं।
मौत के सही कारणों का पता अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। एक अन्य मामले में पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती आसिफ (20) की भी इलाज के दौरान रविवार को ही मौत हो गई।
आसिफ का इलाज पिछले एक सप्ताह से जीटीबी अस्पताल में चल रहा था। इस मामले में अस्पताल-प्रशासन से पुष्टि नहीं हो सकी है।