{"_id":"67cce637e04b7f75810f6d7b","slug":"thousands-of-rupees-were-defrauded-by-digitally-arresting-a-woman-2025-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cyber Crime : महिला को डिजिटल अरेस्ट कर हजारों ठगे, पीड़िता इस खौफ से आ गई जालसाजों के झांसे में; गंवाये 78000","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cyber Crime : महिला को डिजिटल अरेस्ट कर हजारों ठगे, पीड़िता इस खौफ से आ गई जालसाजों के झांसे में; गंवाये 78000
Sun, 09 Mar 2025 06:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 09 Mar 2025 06:22 AM IST
सार
महिला के मोबाइल नंबर को ब्लैकमेलिंग, ड्रग तस्करी और वेश्यावृत्ति जैसी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप लगाकर जालसाजों ने ठगी को अंजाम दिया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
द्वारका क्षेत्र में एक महिला को डिजिटल अरेस्ट कर हजारों रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। महिला के मोबाइल नंबर को ब्लैकमेलिंग, ड्रग तस्करी और वेश्यावृत्ति जैसी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप लगाकर जालसाजों ने ठगी को अंजाम दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने इसकी शिकायत साइबर सेल में की। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
विज्ञापन
नजफगढ़ में रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 अक्तूबर 2024 को उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को दूरसंचार विभाग से होने का दावा किया। उसने बताया कि उनका मोबाइल नंबर ब्लैकमेलिंग, ड्रग तस्करी और वेश्यावृत्ति जैसी आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा है। उनके नंबर को जल्द ब्लॉक कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
उसने बताया कि उन्हें दो घंटे के भीतर मुंबई पुलिस स्टेशन में उपस्थित होना होगा। पीड़िता के इतने कम समय में मुंबई जाने की असमर्थता जताने पर उनके पास व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। उसमें उसे हिदायत दी गई कि वह इस बात को अपने परिवार वालों को न बताए। पीड़िता को बताया गया कि मामले को सुलझाने के लिए ऑनलाइन जांच करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
इस दौरान पीड़िता के व्हाट्सएप पर कई नोटिस भेजे। फिर उन्हें एक बैंक खाते में केस प्रोसेसिंग फीस करीब 78 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए। कहा गया कि राशि को एक सप्ताह में वापस कर दी जाएगी। पीड़िता ने डर कर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़िता ने परिवार वालों को बताया और फिर साइबर सेल में इसकी शिकायत की। शुरुआती छानबीन करने के बाद 4 मार्च को साइबर सेल ने मामला दर्ज कर लिया।