बुजुर्ग दंपति के हत्यारों ने दूसरे घर में की थी रेकी
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने अमर कॉलोनी थाना इलाके में शुक्रवार रात को लूटपाट के लिए हुई बुजुर्ग दंपति की हत्या की गुत्थी को 24 घंटे में सुलझाने का दावा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
चार आरोपी बिहार और एक एटा, यूपी का रहने वाला है। आरोपी गाजियाबाद में रहते हैं और ऑटो से वारदात करने दिल्ली आए थे। ये छत के रास्ते घर में घुसे थे। पुलिस ने आरोपियों केकब्जे से लूटी गई नगदी व ज्वेलरी बरामद कर ली है।
दक्षिण ईंस्टर्न रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त आरएस कृष्णनईया ने बताया कि बी-186 ईस्ट ऑफ कैलाश में रहने वाले संजय मदान ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी माता विमला मदान (80) और पिता मनोहरलाल मदान (85) ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे।
वह प्रथम मंजिल पर रहता है। 12 व 13 नवंबर की रात करीब दो बजे उस समय नींद टूटी जब कुछ अज्ञात लोग उसके घर में टार्च की लाइट से देख रहे थे। उसने शोर मचाया तो बदमाश भाग खड़े हुए।
पड़ोस के घर में करने आए थे डकैती
वह ग्राउंड फ्लोर पर माता-पिता के पास गया तो घर का सामान बिखरा हुआ था और माता-पिता मृत पडे़ हुए थे। छत का ताला टूटा हुआ था।
हत्या व लूट का मामला दर्जकर अमर कॉलोनी थानाध्यक्ष अरविंद यादव, इंस्पेक्टर शिवराज विष्ट, एसआई संदीप गोदारा, श्रीनिवास चौकी प्रभारी सहदेव और एसआई नरेन्द्र की विशेष टीम बनाई गई।
पुलिस टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के बाद दो आरोपी कौशांबी, गाजियाबाद, यूपी निवासी अहमद उर्फ मो. हेमंत उर्फ हेमा और गाजीपुर मंडी, गाजियाबाद निवासी मो. दिलशाद उर्फराजा को पकड़ लिया।
इनसे पूछताछ के बाद इनके तीन साथी नरेंद्र उर्फसंजय, मो. मकसूद और मो. खालिद उर्फदंतू को पकड़ लिया गया। मो. खालिद(19), अहमद (19), मो. मकसूद(19) और मो. दिलशाद (24) अरैया, बिहार और नरेंद्र (25) गांव गरी बेनडूला, एटा ,यूपी का रहने वाला है।
दूसरे घर में वारदात करने आए थे-
पुलिस के अनुसार, आरोपी पड़ोस में स्थित घर में वारदात करने आए थे। इन्होंने उसी मकान की रेकी भी की थी। जब ये वारदात करने गए तो उस घर में उन्हें किसी के जगे होने का अहसास हुआ। इस कारण ये बुजुर्ग दंपति के घर में गए और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।
दम घुटने से हुई बुजुर्ग दंपति की मौत
आरोपियों से पूछताछ में ये बात सामने आई है कि आरोपी जब घर में लूटपाट कर रहे थे उसी समय बुजुर्ग दंपति जग गए। ऐसे में शोर मचाने के डर से इन्होंने उनके हाथ-पैर बांध दिए थे और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। इससे दंपति का दम घुट गया था।
माता-पिता की मौत के बाद वारदात करने लगा नरेंद्र-
नरेंद्र के माता-पिता की पांच वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। ये मंडावली थाना इलाके में छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
ये मंडावली में एक रेस्टोरेंट में काम करता था। मो. हेमंत के संपर्क में आने के बाद वारदात करने लगा। मंडावली में पीजी में कुक का काम करने वाला मो. दिलशाद भी हेमा के संपर्क में आकर वारदात करने लगा।
अगर समर्थ हैं तो सिक्योरिटी गार्ड रखें-
संयुक्त पुलिस आयुक्त आरएस कृष्णनईया का कहना है कि जो लोग समर्थ हैं वे सुरक्षा गार्ड जरूर रखें। पुलिस अपराध को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करती है। पुलिसकर्मी भी इंसान होते हैं। वह अपराध को रोकने के लिए खूब मेहनत करते हैं।