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Delhi NCR News: लोक रंगमंच में छिपी है जनसंचार की ताकत
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म (डीएसजे) में फोक थिएटर (लोक रंगमंच) एज ए मीडियम ऑफ कम्युनिकेशन विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। जाने-माने रंगकर्मी एवं डीयू कल्चर काउंसिल के अध्यक्ष अनूप लाठर ने लोक रंगमंच की परंपरा व संचार में उसकी भूमिका पर चर्चा की।
लाठर ने कहा कि सभी लोक रंगमंच जनता की भाषा होते हैं। उन्होंने पत्रकारिता के विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोक विधाओं के दस्तावेजीकरण व संरक्षण पर शोध करने की सलाह दी। भारत की लोक रंगमंच परंपरा को सदियों पुरानी कहानी कहने की समृद्ध विरासत से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि यह आज भी प्रभावी संचार माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से फोक थिएटर को वर्तमान संदर्भ में समझने व सांस्कृतिक विरासत को आज के जीवन-मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया। डीएसजे के ओएसडी डॉ. संजय वर्मा ने कहा कि इस व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देना है।ब्यूरो
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लाठर ने कहा कि सभी लोक रंगमंच जनता की भाषा होते हैं। उन्होंने पत्रकारिता के विद्यार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोक विधाओं के दस्तावेजीकरण व संरक्षण पर शोध करने की सलाह दी। भारत की लोक रंगमंच परंपरा को सदियों पुरानी कहानी कहने की समृद्ध विरासत से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि यह आज भी प्रभावी संचार माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से फोक थिएटर को वर्तमान संदर्भ में समझने व सांस्कृतिक विरासत को आज के जीवन-मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया। डीएसजे के ओएसडी डॉ. संजय वर्मा ने कहा कि इस व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देना है।ब्यूरो
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