{"_id":"5e55b52d8ebc3ec988300e17","slug":"the-girl-kept-waiting-for-barat-because-of-riots-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में दंगाः बरात का इंतजार करती रह गई युवती, धारा-144 के चलते नहीं पहुंच सके लड़के वाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में दंगाः बरात का इंतजार करती रह गई युवती, धारा-144 के चलते नहीं पहुंच सके लड़के वाले
Wed, 26 Feb 2020 05:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 26 Feb 2020 05:30 AM IST
विज्ञापन
delhi violence
- फोटो : अमर उजाला
पूर्वी दिल्ली में हिंसा की वजह से मदनपुर खादर में रहने वाली एक युवती मंगलवार को बरात का इंतजार करती रही, लेकिन दूल्हा धारा-144 लागू होने की वजह से घर में बंधक बना रह गया। मदनपुर खादर निवासी युवती का विवाह परिजनों ने करावल नगर के युवक से तय किया था।
मंगलवार को लड़की वालों ने स्वागत की सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन अचानक बरात के न पहुंच पाने की बात सामने आई। इस स्थिति में युवती के पिता ने पार्षद से लेकर विधायक तक से मदद की गुहार लगाई, लेकिन तनाव भरे माहौल को देखते हुए सभी ने मदद से साफ इनकार कर दिया।
वहीं लड़के वालों का कहना है कि करावल नगर में हर ओर हिंसा हो रही है। ऐसे हालात में बारात ले जाना बेहद मुश्किल है, इसलिए परिवार बारात लेकर नहीं निकल पाया।
विज्ञापन
उत्तर-पूर्वी जिले में एक माह के लिए धारा 144 लगाई
हालात को देखते हुए पूरे उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले में एक महीने के लिए धारा-144 लागू कर दी गई है। इस दौरान किसी भी तरह के हथियार, लाठी, ज्चलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एक जगह पर चार से ज्यादा लोगों के एकत्र होने व प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, मंगलवार को उपद्रवी धारा 144 की परवाह न करते हुए झुंड बनाकर घूमते रहे। कई जगह तो इनकी संख्या सैकड़ों में थी। पुलिस ने एक बार फिर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखी जा रही है।
उत्तर-पूर्वी जिले के दस थाना इलाकों में सोमवार को धारा 144 लगा दी गई थी। मंगलवार को जिले के डीसीपी वेदप्रकाश सूर्या ने आदेश जारी कर इसे पूरे जिले में बढ़ाते हुए एक महीने के लिए लागू कर दिया।
लगातार तीसरे दिन सुबह से ही हो रही पत्थरबाजी में असामाजिक तत्वों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, किसी भी प्रदर्शन के लिए प्रशासन या सुरक्षा एजेंसी से अनुमति नहीं ली गई थी और न ही सूचित किया गया है।
डीसीपी ने आदेश में इस दौरान किसी भी तरह की भ्रामक बात लिखने, भेजने या बांटने, किसी भी समुदाय को उकसाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने से रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान सोशल मीडिया सहित संवाद के सभी माध्यमों पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 24 मार्च तक जारी रहेगा।
विज्ञापन
मंगलवार को लड़की वालों ने स्वागत की सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन अचानक बरात के न पहुंच पाने की बात सामने आई। इस स्थिति में युवती के पिता ने पार्षद से लेकर विधायक तक से मदद की गुहार लगाई, लेकिन तनाव भरे माहौल को देखते हुए सभी ने मदद से साफ इनकार कर दिया।
विज्ञापन
वहीं लड़के वालों का कहना है कि करावल नगर में हर ओर हिंसा हो रही है। ऐसे हालात में बारात ले जाना बेहद मुश्किल है, इसलिए परिवार बारात लेकर नहीं निकल पाया।
विज्ञापन
उत्तर-पूर्वी जिले में एक माह के लिए धारा 144 लगाई
हालात को देखते हुए पूरे उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले में एक महीने के लिए धारा-144 लागू कर दी गई है। इस दौरान किसी भी तरह के हथियार, लाठी, ज्चलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
एक जगह पर चार से ज्यादा लोगों के एकत्र होने व प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, मंगलवार को उपद्रवी धारा 144 की परवाह न करते हुए झुंड बनाकर घूमते रहे। कई जगह तो इनकी संख्या सैकड़ों में थी। पुलिस ने एक बार फिर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखी जा रही है।
उत्तर-पूर्वी जिले के दस थाना इलाकों में सोमवार को धारा 144 लगा दी गई थी। मंगलवार को जिले के डीसीपी वेदप्रकाश सूर्या ने आदेश जारी कर इसे पूरे जिले में बढ़ाते हुए एक महीने के लिए लागू कर दिया।
लगातार तीसरे दिन सुबह से ही हो रही पत्थरबाजी में असामाजिक तत्वों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, किसी भी प्रदर्शन के लिए प्रशासन या सुरक्षा एजेंसी से अनुमति नहीं ली गई थी और न ही सूचित किया गया है।
डीसीपी ने आदेश में इस दौरान किसी भी तरह की भ्रामक बात लिखने, भेजने या बांटने, किसी भी समुदाय को उकसाने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने से रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इस दौरान सोशल मीडिया सहित संवाद के सभी माध्यमों पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 24 मार्च तक जारी रहेगा।