यहां शुरू हुआ मेक इन इंडिया का पहला प्रोजेक्ट
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प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया विजन के तहत मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में पहले प्रोजेक्ट की ओपनिंग हुई। चीन की मोबाइल कंपनी वीवो मोबाइल इंडिया ने टेकजोन आईटी पार्क में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और असेंबलिंग यूनिट की शुरुआत की।
कंपनी ने यहां 125 करोड़ रुपये का निवेश किया है और अब 2200 लोगों को नौकरी देगी। इस यूनिट से हर महीने 10 लाख मोबाइल फोन तैयार होंगे। आयात कम होने और लोकल मैन्युफैक्चरिंग से मोबाइल की कीमत कम होगी।
यूनिट की ओपनिंग चीन के राजदूत ले यू चेंग, प्राधिकरण चेयरमैन रमा रमण, जिलाधिकारी एनपी सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण सीईओ दीपक अग्रवाल और एसएसपी किरण एस की मौजूदगी में हुई।
अगले एक साल में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना
इस यूनिट को 30 हजार वर्ग मीटर में बनाया गया है, जिसमें रिसर्च एंड डेवलेपमेंट लैब, टेस्टिंग, डिजाइन, असेंबली लाइन, क्वॉलिटी कंट्रोल लैब और वेयर हाउस की सुविधाएं हैं। कंपनी के सीईओ एलेक्स फेंग ने कहा कि भारतीय स्मार्ट फोन बाजार में अपार संभावनाएं हैं।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू होने से आयात की निर्भरता कम हो जाएगी। आने वाले समय में कारोबार का और विस्तार करेंगे। अगले एक साल में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है।
कंपनी ने 200 आउटलेट खोलने की घोषणा की है। चीन के राजदूत ले यू चेंग के मुताबिक दोनों देशों ने बेहतर आर्थिक रिश्तों की शुरुआत करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।
यूनिट बनेगी मजबूत रिश्तों की मिसाल
ये नए अध्याय की शुरुआत है। अगले कुछ सालों में विकास को रफ्तार देने के लिए कई नई योजनाएं आने वाली हैं। चीन के निवेशकों का भारत के प्रति रुझान बढ़ता जा रहा है। आने वाले समय में यहां निवेश बढ़ेगा।
नोएडा ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में ये यूनिट आने वाले समय में भारत और चीन के मजबूत रिश्तों की मिसाल बनेगी।
उम्मीद है इस सफलता के बाद चीन की कंपनियों द्वारा ग्रेटर नोएडा में निवेश करने का विश्वास जगेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार और प्राधिकरण की ओर से चीनी कंपनियों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।