फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The first make in india project began here, 125 million investment

यहां शुरू हुआ मेक इन इंडिया का पहला प्रोजेक्ट

Wed, 23 Dec 2015 08:37 AM IST
Updated Wed, 23 Dec 2015 08:37 AM IST
विज्ञापन
The first make in india project began here, 125 million investment

प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया विजन के तहत मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में पहले प्रोजेक्ट की ओपनिंग हुई। चीन की मोबाइल कंपनी वीवो मोबाइल इंडिया ने टेकजोन आईटी पार्क में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और असेंबलिंग यूनिट की शुरुआत की।

विज्ञापन


कंपनी ने यहां 125 करोड़ रुपये का निवेश किया है और अब 2200 लोगों को नौकरी देगी। इस यूनिट से हर महीने 10 लाख मोबाइल फोन तैयार होंगे। आयात कम होने और लोकल मैन्युफैक्चरिंग से मोबाइल की कीमत कम होगी।
विज्ञापन


यूनिट की ओपनिंग चीन के राजदूत ले यू चेंग, प्राधिकरण चेयरमैन रमा रमण, जिलाधिकारी एनपी सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण सीईओ दीपक अग्रवाल और एसएसपी किरण एस की मौजूदगी में हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अगले एक साल में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना

The first make in india project began here, 125 million investment

इस यूनिट को 30 हजार वर्ग मीटर में बनाया गया है, जिसमें रिसर्च एंड डेवलेपमेंट लैब, टेस्टिंग, डिजाइन, असेंबली लाइन, क्वॉलिटी कंट्रोल लैब और वेयर हाउस की सुविधाएं हैं। कंपनी के सीईओ एलेक्स फेंग ने कहा कि भारतीय स्मार्ट फोन बाजार में अपार संभावनाएं हैं।


भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू होने से आयात की निर्भरता कम हो जाएगी। आने वाले समय में कारोबार का और विस्तार करेंगे। अगले एक साल में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है।

कंपनी ने 200 आउटलेट खोलने की घोषणा की है। चीन के राजदूत ले यू चेंग के मुताबिक दोनों देशों ने बेहतर आर्थिक रिश्तों की शुरुआत करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

यूनिट बनेगी मजबूत रिश्तों की मिसाल

The first make in india project began here, 125 million investment

ये नए अध्याय की शुरुआत है। अगले कुछ सालों में विकास को रफ्तार देने के लिए कई नई योजनाएं आने वाली हैं। चीन के निवेशकों का भारत के प्रति रुझान बढ़ता जा रहा है। आने वाले समय में यहां निवेश बढ़ेगा।


नोएडा ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में ये यूनिट आने वाले समय में भारत और चीन के मजबूत रिश्तों की मिसाल बनेगी।

उम्मीद है इस सफलता के बाद चीन की कंपनियों द्वारा ग्रेटर नोएडा में निवेश करने का विश्वास जगेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार और प्राधिकरण की ओर से चीनी कंपनियों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed