{"_id":"630dc870ebcb6b1198787c2d","slug":"swati-maliwal-expresses-concern-over-rise-in-crime-against-women-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Swati Maliwal: डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की अपील, 'सरकारें साथ आएं, बेटियों को बचाएं'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Swati Maliwal: डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की अपील, 'सरकारें साथ आएं, बेटियों को बचाएं'
Tue, 30 Aug 2022 01:51 PM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 30 Aug 2022 01:51 PM IST
सार
स्वाति मालीवाल ने कहा कि दिल्ली का नाम खराब होने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। 8 महीने की बच्ची से लेकर 90 साल की महिला तक दिल्ली में रेप हुआ। डीसीडब्ल्यू हर महिला को सुरक्षित महसूस करवाने के लिए के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है। लेकिन यह काफी नहीं है।
विज्ञापन
swati maliwal
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की और कहा कि दिल्ली का नाम खराब होने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
विज्ञापन
डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने एक ट्वीट में बताया, एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध 41 फीसदी और बच्चों के खिलाफ अपराध 32 फीसदी बढ़े. यह गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर पार्टी और सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए।
विज्ञापन
दिल्ली का नाम खराब होने से रोकने के लिए कड़े कदम लेना ज़रूरी है। 8 महीने की बच्ची से लेके 90 साल की महिला का दिल्ली में रेप हुआ है। दिल्ली महिला आयोग 24 घंटे काम कर रहा है, हर महिला को सुरक्षित महसूस करवाने के लिए। पर ये काफ़ी नहीं है। सभी सरकारें साथ आएं, बेटियों को बचाएं। pic.twitter.com/TV2SQRj42H
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) August 30, 2022
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दिल्ली का नाम खराब होने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। 8 महीने की बच्ची से लेकर 90 साल की महिला तक दिल्ली में रेप हुआ। दिल्ली महिला आयोग हर महिला को सुरक्षित महसूस करवाने के लिए के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है। लेकिन यह काफी नहीं है। सभी सरकारों को एक साथ आना चाहिए, बेटियों को बचाएं।