जेल जाकर बदल गई 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' वाले एंकर की जिंदगी, अब इस प्रोजेक्ट पर करेंगे काम
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पिछले 18 साल से सुहैब इलियासी अपनी पत्नी अंजू की हत्या का आरोप झेल रहे और अपने आपको बेगुनाह साबित करने का संघर्ष अब भले ही खत्म हो गया हो लेकिन इन सबकी वजह से उनका विश्वास न ही कानून से उठा है और न ही उनमें अपने ससुरालवालों के लिए कोई कटुता है।
ये सच है कि इन 18 सालों में उन्होंने अपना कीमती समय गंवाया, दूसरों ने उनके शो का फॉरमेट चुरा लिया और सबसे ज्यादा उनकी बेटी आलिया ने सफर किया जो अपने पापा की बेगुनाही का सबको विश्वास दिलाने की कोशिश करती रही। ये सब भले ही बहुत दुखदायी था लेकिन सुहैब इन बीते सालों को और जेल में बीते समय को बहुत ही अहम मानते हैं। वह इसे सीखने वाला समय मानते हैं।
सुहैब कहते हैं कि जेल में बीता उनका समय बहुत शानदार अनुभव रहा। यह बात वो बिना किसी हिचकिचाहट के कहते हैं कि यह एक विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने जैसा था, जिसने मुझे और बेहतर इंसान बनने में मदद की। उन्होंने इस दौरान उपनिषद व भागवद गीता भी पढ़ा, जिससे उन्हें जीवन को समझने में काफी मदद मिली। अब वो इसके सरल व्याकरण का प्रयास कर रहे हैं ताकि उपनिषदों की बातें आम लोगों तक पहुंचाई जा सकें।
सुहैब कहते हैं कि जेल में उन्होंने कई ऐसे अपराधियों से बात की जिन्होंने जघन्य अपराध किया था लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक दूसरा पहलू भी है। वह इसे उनका मानवीय पक्ष कहते हैं जिसने उन्हें एक कार्यक्रम बनाने के लिए प्रेरित किया है।
जेल में बीता रात को समय कभी नहीं भूल पाएंगे सुहैब
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें जेल में कोई ऐसा अपराधी मिला जो सुहैब के अपने शो इंडियाज मोस्ट वांटेड की वजह से गिरफ्तार हुआ हो? तब उन्होंने जवाब दिया उन्हें जेल में कई ऐसे कैदी मिले जो या तो उनका शो देख चुके थे या उसकी वजह से गिरफ्तार हुए थे, लेकिन उन सबका मानना था कि सुहैब ने अपना काम किया।
जेल के अंदर बिताया रात का वो पहर सुहैब के लिए सबसे पीड़ादायी होता था जब रात के सन्नाटे में वो सलाखों के पीछे होते थे। उस वक्त वो अपने एंकरिंग के दिनों को याद करते थे कि कैसे उनके शो से कई अपराधी जेल गए और अब वही जेल के पीछे पहुंच गए हैं। अपने आपको जेल की सलाखों के पीछे देखना शायद ऐसी याद है जो वो कभी न भूल पाएं।
जब उनसे परिवार के बारे में पूछा गया तो बोले कि उनकी सास और साली ने केस चलाए रखा लेकिन उनके ससुर ने उन पर विश्वास बनाए रखा। अपने ससुर के बारे में बताते हुए सुहैब ने कहा कि उन्होंने 1950 में एक बंदूक खरीदी थी और कनाडा चले गए थे। दो साल पहले वह डीसीपी लाइसेंसिंग के पास गए और उसे मेरे नाम पर ट्रांसफर करा दिया। सुहैब पूछते हैं कि आखिर क्यों कोई अपनी कीमती चीज ऐसे शख्स को उपहार में देगा जिसने उसकी बेटी की हत्या की हो?
बेटी के साथ को-होस्ट करना चाहते हैं शो
सुहैब सबसे ज्यादा अपनी बेटी आलिया के शुक्रगुजार हैं कि कितना भी कुछ हुआ लेकिन उसने सुहैब पर विश्वास बनाए रखा। आलिया ने जो ड्रामा झेला है वह मेरे दुख से कहीं ज्यादा है। मैं तो बड़ा था लेकिन वो तो बच्ची थी। मैं सच में बहुत खुश हूं कि वह बहुत जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी हो गई है। वह बिल्कुल अपनी मां की तरह है।
सुहैब को सिर्फ अपने पर लगे हत्या के आरोप वाले मामले में ही नहीं अपनी सास और साली से आलिया की कस्टडी के लिए भी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। वह बहुत समझदारी भरे अंदाज में कहते हैं कि वो दोनों अंजू को बहुत प्यार करते थे और उसी तरह वह आलिया से भी प्यार करते हैं।
उन्होंने आलिया की कस्टडी इसलिए मांगी थी कि वह एक खूनी पिता के साथ सुरक्षित नहीं रह सकती। अब सुहैब उन बातों को भूलकर आगे बढ़ना चाहते हैं और आलिया के साथ मिलकर एक टीवी शो होस्ट करना चाहते हैं।