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विश्व पुस्तक मेले में कहानी कॉर्नर बना सबकी पसंद, बच्चों और बड़ों दोनों उठा रहे लुत्फ
Thu, 10 Jan 2019 05:56 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 10 Jan 2019 05:56 AM IST
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पुस्तक मेले में किताब पढ़ती बुजुर्ग और बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व पुस्तक मेले के 5वें दिन प्रगति मैदान में काफी तादाद में पाठक पहुंचे। इनमें से काफी खरीदी पुस्तकों को धूप का आनंद लेते हुए पढ़ते भी देखे गए। कहानी कॉर्नर बच्चों और बड़ों का पसंदीदा स्थान बन गया है। पुस्तकों की खरीदारी के साथ पाठकों ने संस्कृति उत्सव का भी लुत्फ उठाया।
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मेले के बाल मंडप में बच्चे दादा-दादी भी कहानियों की किताबों के खोये नजर आए। चौथी कक्षा के छात्र 9 वर्षीय ऋषभ ने बताया कि उन्हें कहानियां बेहद पसंद हैं। उन्होंने पुस्तक मेले में सिंड्रेला की कहानी, पंचतंत्र की कहानियां और परियों की कहानियों की पुस्तकें खरीदीं। उनकी दादी सुषमा देवी ने कहा कि कहानियां के जरिये बच्चों को नैतिक मूल्य और बेहतर आचरण अच्छे ढंग से सिखाए जा सकते हैं। प्रगति मैदान के हंस ध्वनि थियेटर में संस्कृति उत्सव में स्वर समर्पण ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए। इसका लोगों ने खूब लुत्फ उठाया।
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बाल मंडप में आयोजित ‘बाल साहिती’ की अध्यक्षता प्रख्यात रचनाकार मधु पंत ने की। रजनीकांत शुक्ल, राजेश जैन और श्याम सुशील ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। अन्य कार्यक्रम ‘पूर्वोत्तरी’ में कमल कुमार तांती (असमिया), माइजली रानी ब्रह्म (बोडो), आदि ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। अध्यक्षता प्रख्यात कश्मीरी लेखक रफीक मसूदी ने की। एपीएन पब्लिकेशंस के स्टाल पर रतन वर्मा की पुस्तक चांदनी रात की गजल और बबूल का लोकार्पण किया गया। स्कूल और कॉलेज के लिए यहां मात्र 50 रुपये में पुस्तकों की शृंखला उपलब्ध है।
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अरुंधति राय का दूसरा उपन्यास
अरुंधति राय के दूसरे उपन्यास द मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस के हिंदी अनुवाद ‘अपार खुशी का घराना’ और उर्दू अनुवाद ‘बेपनाह शादमानी की मुमलकत’ का लोकार्पण हुआ। पुस्तक राजकमल प्रकाशन ने प्रकाशित की है। इस पर परिचर्चा भी हुई। ‘अपार ख़ुशी का घराना’ एक साथ दुखती हुई प्रेम-कथा और असंदिग्ध प्रतिरोध की अभिव्यक्ति है। इस दौरान हिंदी अनुवादक मंगलेश डबराल, उर्दू अनुवादक अर्जुमंद आरा और राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी मौजूद थे। मंच संचालन यूनुस खान ने किया।
बलदेव भाई शर्मा की पुस्तकों पर परिचर्चा
नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा की पुस्तक ‘संपादकीय विमर्श’ व ‘अखबार और विचार’ पर यश पब्लिकेशंस के स्टाल पर परिचर्चा हुई। राजीव रंजन प्रसाद के संचालन में हुई परिचर्चा में बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि खबरें अखबार का एक हिस्सा होती हैं। किसी भी अखबार का अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा होता है विचार। विचार बिना अखबार उसी तरह है जैसे आत्मा विहीन शरीर। इस दौरान मशहूर साहित्यकार बुद्धिनाथ मिश्रा और यश पब्लिकेशंस के निदेशक राहुल भारद्वाज मौजूद रहे।
सावन कृपाल रूहानी मिशन दे रहा आध्यात्मिक ज्ञान
मेले में सावन कृपाल रूहानी मिशन पाठकों को मेडिटेशन, अध्यात्म, ध्यान-अभ्यास द्वारा आंतरिक एवं बाह्य शांति और सदाचारी जीवन का ज्ञान दे रहा है। यहां बच्चों के लिए प्ररेणादायक पुस्तकें, संतों-महापुरुषों के जीवन चरित्र और जीवन में शाकाहार का महत्व आदि विषयों पर आध्यात्मिक पुस्तकों की बड़ी श्रृंखला है। स्टॉल पर मिशन के अध्यक्ष संत राजिंदर सिंह महाराज की प्रमुख पुस्तकें भी हैं।