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गैंगवार शुरू: लॉरेंस-गोल्डी के गैंग में फूट, काला जठेड़ी-अनिल छिप्पी हुए अलग; जानें तिहरे हत्याकांड का कनेक्शन

Sat, 21 Sep 2024 03:31 AM IST
श्याम जी. पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्याम जी. Updated Sat, 21 Sep 2024 03:31 AM IST
सार

लॉरेंस-गोल्डी गिरोह का दायां हाथ माना जाने वाला गैंगस्टर काला जठेड़ी और अनिल छिप्पी लॉरेंस-गोल्डी से अलग हो गए हैं। अब इन दोनों गिरोह में रंजिश-गैंगवार भी शुरू हो गई है।

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Split in Lawrence-Goldie gang gang war rohtak triple murder case
गैंगस्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश की सुरक्षा एजेंसियों समेत सभी राज्यों की पुलिस के लिए ये अच्छी खबर मानी जा रही है। अपराध की दुनिया में एकछत्र राज करने वाले गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई-विदेश में बैठे गोल्डी बरार के आपराधिक कुनबे में फूट पड़ गई है। लॉरेंस-गोल्डी गिरोह का दायां हाथ माना जाने वाला गैंगस्टर काला जठेड़ी-अनिल छिप्पी लॉरेंस-गोल्डी से अलग हो गए हैं। खास बात ये है कि अब इन दोनों गिरोह में रंजिश-गैंगवार भी शुरू हो गई है।

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इस बड़े खुलासे में सामने आया है कि काला जठेड़ी ने भी गोल्डी बरार की तरह विदेश में अपना सैटअप तैयार कर लिया। विदेश में बैठा बहादुरगढ़, हरियाणा का गैंगस्टर कुणाल, जिस तरह गोल्डी लॉरेंस के लिए विदेश से काम करता है, उसी तरह अब काला जठेड़ी के लिए काम करेगा। दूसरी तरह रोहतक में बृहस्पतिवार के हुई गैंगवार में जिन तीन लोगों की हत्या हुई थी, ये हत्याएं अप्रैल महीने में होनी थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लॉरेंस के पांच शार्प शूटर को गिरफ्तार कर इस गैंगवार को रोक दिया था। जमानत से बाहर निकलते ही तिहरे हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया गया।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले लॉरेंस बिश्ननोई-गोल्डी बरार और काला जठेड़ी का सिड़िकेट एकदम उभरा था। इस सिड़िकेट ने अपराध की दुनिया में हड़कंप मचा गया। इसके बाद इस सिंडिकेट ने रंगदारी, फायरिंग, हत्या, गैंगवार में हत्या जैसी बहुत सारी गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया। सुरक्षा एजेंसियों को ये पुख्ता सबूत मिल चुके हैं कि लॉरेंस बिश्ननोई-गोल्डी बरार से काला जठेड़ी-अनिल छिप्पी अलग हो चुके हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने काला जठेड़ी को उसकी प्रेमिका लेडी डॉन के साथ गिरफ्तार किया था।

रंजिश व अलग होने का ये बना कारण
हरियाणा के बहादुरगढ़ का रहने वाला कुणाल इस समय विदेश में है। वह काला जठेड़ी के लिए काम कर रहा है। कुणाल ने हरियाणा के बहुत बड़े रियल एस्टेट कारोबारी से रंगदारी के रूप में बड़ी रकम मांगी थी। इस कारोबारी से रंगदारी मांगना का मामला राजनीतिक सुर्खियां बन गया। कारोबारी की शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने कुणाल, उस समय भारत में ही था, को गिरफ्तार कर लिया। 

कुणाल के खुलासे के बाद काला जठेड़ी-अनिल छिप्पी को हरियाणा पुलिस ने जेल से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर गिरफ्तार किया। इसके बाद इस कारोबारी से लॉरेंस के खास गुर्गे रोहित गोदारा ने रंगदारी मांग ली। ये बात काला जठेड़ी को नागवार गुजरी कि वह हरियाणा का गैंगस्टर है और उसके राज्य में आकर रोहित गोदारा क्यों रंगदारी मांग रहा है। इस बात पर काला जठेड़ी व लॉरेंस की बात बंद हो गई। इसके बाद इनकी रंजिश शुरू हो गई।

फूट पड़ने से इस सिंडीकेट को खत्म किया जा सकेगा
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई गिरोह में फूट पड़ना सुखद खबर है। अब इस सिंडिकेट को खत्म करना काफी आसान हो जाएगा। हालांकि जमानत मिलने के बाद कुणाल फर्जी पासपोर्ट से विदेश भाग गया था। वह विदेश से काला जठेड़ी के लिए वहीं काम कर रहा है जो गोल्डी बरार लॉरेंस बिश्नोई के लिए काम कर रहा है। हालांकि इसके विदेश भागना सुरक्षा एजेंसियों को चिंता की बात जरूर है।

जेल में हुए जानलेवा हमला का बदला है रोहतक तिहरा हत्याकांड
हरियाणा के रोहतक में सोनीपत रोड के बलियाना मोड़ पर बृहस्पतिवार को हुई गैंगवार और उसमें विरोधी गिरोह के तीन सदस्यों की हत्या राहुल बाबा पर जानलेवा का बदला है। हरियाणा की सुनारिया जेल में बंद राहुल बाबा पर अमन भैसवाल ने जानलेवा हमला करवाया था। इस हमले में राहुल बाबा बच गया था। 

अब जब ये शूटर जेल से बाहर आए तो इन्होंने बाहर आते ही गैंगवार को अंजाम देकर अमन गिरोह के तीन सदस्यों की सरेराह गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लॉरेंस की दिल्ली में हुई शादी से तीन दिन पहले आरोपी पांच शूटरों को गिरफ्तार कर इस गैंगवार को रोक दिया था। हालांकि हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है।

राहुल बाबा और अमन भैसवाल गिरोह के बीच आपसी रंजिश 
देश की एक सुरक्षा एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राहुल बाबा और अमन भैसवाल गिरोह के बीच आपसी रंजिश चल रही है। राहुल बाबा के ऊपर काला जठेड़ी-अनिल छिप्पी का हाथ है। वहीं अमन के ऊपर हिमांशु भाऊ का हाथ है। अमन ने राहुल पर हरियाणा की सुनारिया जेल में जानलेवा हमला करवाया था। उसके गुर्गों ने राहुल को काफी चाकू मारे थे, मगर राहुल बच गया था। इसका बदला लेने की फिराक में राहुल घूम रहा था। राहुल ने अप्रैल महीने में दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में लॉरेंस बिश्नोई की शादी से तीन दिन पहले लॉरेंस के पांच शूटर अमन की हत्या के लिए भेजे थे। 

स्पेशल सेल में तैनात एसीपी संजय दत्त व इंस्पेक्टर संदीप डबास की टीम ने इन पांच शूटर हनुमान कॉलोनी, सुखपुरा चौक, रोहतक, हरियाणा, स्थाई पता- राहु पाना, चौपाल के पास, गांव खिडवाली, रोहतक, हरियाणा निवासी राहुल बाबा (30), परवीन उर्फ दादा, रोहताश, मोहन और सचिन को समय से गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार के हुई गैंगवार को उस समय रोक दिया था। राहुल उर्फ बाबा के पास से एक अत्यधिक परिष्कृत हथियार यानी पीएक्स 30 मेड इन चाइना पिस्तौल, परवीन उर्फ दादा के पास से एक पी-बेरेटा पिस्तौल, रोहताश से .32 बोर की पिस्तौल, मोहन से एक देशी पिस्तौल और सचिन के पास से चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

शार्प शूटर से बरामद हुए थे खतरनाक विदेशी हथियार
पूछताछ करने पर राहुल उर्फ बाबा पुत्र जगदीश ने खुलासा किया कि वह काला जठेड़ी - अनिल चिप्पी समूह के साथ साझेदारी में शराब की दुकानें चला रहा था। उसका गांव बसंतपुर, रोहतक, हरियाणा निवासी अजय के साथ कुछ वित्तीय विवाद था। पिछले साल, राहुल उर्फ बाबा ने अजय के आवास के बाहर गोलीबारी की थी और उसे हरियाणा पुलिस ने गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार किया था। वह सुनारिया, रोहतक जेल में बंद रहा, जहां उस पर जेल के कैदियों, जो अमन के सहयोगी थे, ने बेरहमी से हमला किया और कई बार चाकू घोंपा। जेल से रिहा होने के बाद, राहुल उर्फ बाबा ने अमन को मारने की साजिश रची। 

तिहरा हत्याकांड पलोटरा गैंग और राहुल बाबा गैंग के बीच का नतीजा
रोहताश, मोहन और सचिन को अपने गिरोह में शामिल किया। परवीन उर्फ दादा राहुल उर्फ बाबा के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है। उन्हें जेल में बंद गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी और अनिल उर्फ चिप्पी द्वारा अत्यधिक परिष्कृत पिस्तौल मुहैया कराई गई थी। गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी, अनिल उर्फ चिप्पी और नरेश उर्फ सेठी का इनको पूरा सहयोग मिला हुआ था। लॉरेंस बिश्नोई का भी सहयोग था। अब जेल से बाहर आते ही इन्होंने तिहरे हत्याकांड को अंजाम दे दिया। बृहस्पतिवार को हुए तिहरा हत्याकांड पलोटरा गैंग और राहुल बाबा गैंग के बीच का नतीजा है।

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