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डूसू चुनाव में सोशल मीडिया बनाम पोस्टर वार, प्रचार है हाईटेक
Tue, 10 Sep 2019 06:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 10 Sep 2019 06:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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12 सितंबर को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव को फतह करने के लिए प्रत्याशियों से लेकर छात्र संगठन तक जमकर पसीना बहा रहे हैं। कॉलेज और हॉस्टल जाकर तो छात्रों तक पहुंच बनाई ही जा रही है, प्रचार में हाईटेक तरीकों का भी इस्तेमाल हो रहा है। पेपरलैस कैंपेन को ध्यान में रखते हुए पोस्टरबाजी की जगह सोशल मीडिया को ही छात्र संगठनों ने अहम हथियार बनाया है।
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सीमित बजट, कम समय और प्रिटेंड पोस्टर पर पाबंदी के कारण छात्र संगठन सोशल मीडिया को बेहतर विकल्प मानकर प्रचार में जुटे हैं। एबीवीपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशुतोष सिंह ने बताया कि पेपर की बर्बादी को कम करने के लिए ज्यादा से ज्यादा सोश्ल मीडिया का सहारा ले रहे हैं।
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एबीवीपी व्हाट्स एप ग्रुप, इंस्टाग्राम, ट्विटर, स्नैपचैट पर भी सक्रिय है। वहां से संगठन की गतिविधियों के संबंध में छात्रों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है। इन प्लेटफॉर्म पर एबीवीपी के घोषणा पत्र और उपलब्धियों को डाला जा रहा है। कई व्हाट्स एप ग्रुप बनाकर भी छात्रों तक पहुंच बनाई जा रही है। फेसबुक पर प्रत्याशियों के लाइव कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। एबीवीपी का कहना है कि यह कम समय में छात्रों तक प्रचार का बेहतर माध्यम है।
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इसी तरह, एनएसयूआई भी अपने प्रत्याशियों के साथ सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है। व्हाट्स एप ग्रुप भी तैयार किए गए हैं। इन सबके माध्यम से संगठन की योजनाओं और गतिविधियों को छात्रों को बताया जा रहा है। वहीं एनएसयूआई दिल्ली और एनएसयूआई नाम के पेज के माध्यम से भी छात्रों तक पहुंचा जा रहा है। प्रत्याशी अपने स्तर पर भी सोशल मीडिया पर प्रचार में जुटे हैं।
एनएसयूआई का मानना है कि समय होने के कारण इस तरह से प्रचार का लाभ निश्चित तौर पर होगा। मौजूदा समय में छात्र सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं। ऐसे में उनसे संपर्क साधने का यह सबसे बेहतर माध्यम बन रहा है। छात्रों तक अपनी उपलब्धियों और अपने घोषणा पत्र को पहुंचाने के लिए कॉलेज स्तर पर भी टीमें सक्रिय हैं।