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Delhi NCR News: लंबे समय तक बैठकर काम करना बना खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली और दफ्तरों में लंबे समय तक बैठकर काम करने की प्रवृत्ति अब युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, कम उम्र में ही कमर दर्द, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. संदीप ने बताया कि लगातार कई घंटों तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जिससे कमर दर्द और गर्दन में जकड़न की शिकायत आम हो गई है। उन्होंने कहा कि शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण युवाओं में मोटापे के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। डॉ. संदीप के अनुसार, नाइट शिफ्ट और अनियमित दिनचर्या के चलते नींद से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। पर्याप्त नींद न मिलने से मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और कार्यक्षमता में कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर एक से दो घंटे में ब्रेक लेकर हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। साथ ही, संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि को अपनाना जरूरी है।
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नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली और दफ्तरों में लंबे समय तक बैठकर काम करने की प्रवृत्ति अब युवाओं की सेहत पर भारी पड़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, कम उम्र में ही कमर दर्द, मोटापा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल के डॉ. संदीप ने बताया कि लगातार कई घंटों तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ता है, जिससे कमर दर्द और गर्दन में जकड़न की शिकायत आम हो गई है। उन्होंने कहा कि शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण युवाओं में मोटापे के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। डॉ. संदीप के अनुसार, नाइट शिफ्ट और अनियमित दिनचर्या के चलते नींद से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। पर्याप्त नींद न मिलने से मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और कार्यक्षमता में कमी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर एक से दो घंटे में ब्रेक लेकर हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। साथ ही, संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि को अपनाना जरूरी है।