केजरीवाल सरकार ने सत्ता का जमकर दुरुपयोग किया, शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट ने खोली पोल
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दिल्ली के तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा गठित तीन सदस्यीय शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने ‘सत्ता का जमकर दुरुपयोग’ किया। इस संदर्भ में समिति ने रिपोर्ट में आप सरकार के कुछ गलत फैसलों का भी जिक्र किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने पार्टी कार्यालय के लिए भूमि आवंटन, मंत्री सत्येंद्र जैन की बेटी की दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक पद पर नियुक्ति और बतौर सलाहकार बड़ी मात्रा में आप के कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर सत्ता का बेजा इस्तेमाल किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद अप्रैल 2015 से ही शुरू हो गया जब केजरीवाल ने सभी विभागों को एक आदेश जारी किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उस दौरान केजरीवाल ने अपने अधिकारियों को निर्देश जारी किया कि वे उपराज्यपाल से परामर्श लिए बगैर उन सभी मसलों पर खुद निर्णय लें जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239एए (3) के तहत दिल्ली विधानसभा को हस्तांतरित किए गए हैं।
पार्टी कार्यालय के लिए जमीन, सलाहकार पदों पर नियुक्ति जैसे गलत फैसले लिए
शुंगलू समिति ने कहा कि पार्टी कार्यालय बनाने के लिए आप को भूमि आवंटन का फैसला रद्द किया जाना चाहिए और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को आवास के आवंटन पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
सौ पन्नों की इस रिपोर्ट में सरकार के सलाहकार के तौर पर केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल द्वारा कुछ खास व्यक्तियों की नियुक्ति समेत कई अहम फैसलों का जिक्र है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली सरकार को एलजी की सहमति के बगैर इस तरह के फैसले लेने का कोई अधिकार नहीं है।
इसके अलावा भ्रष्टाचार निरोधी शाखा में सरकार द्वारा अधिकारियों के तबादले पर भी सवाल उठाए गए हैं। इससे पहले जंग ने भी कहा था कि पैनल की रिपोर्ट के मुताबिक केजरीवाल को अनियमितताओं के कारण आपराधिक मुकदमे भी झेलने पड़ सकते हैं।