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श्रद्धा वालकर हत्याकांड: गवाह इंस्पेक्टर संदीप कुमार की गवाही दर्ज, विदेशी गवाहों पर बहस 24 जुलाई को
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आफताब को वकील से बात करने का अधिकार, कोर्ट ने परिवार की आपत्ति की खारिज
साकेत कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंस की जगह पेश हुआ आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट में श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामले की बुधवार को सुनवाई हुई। आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जगह अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान श्रद्धा के परिवार की ओर से वकील ने आपत्ति जताई कि आफताब को बचाव पक्ष के वकील की डेस्क के पास नहीं बैठने दिया जाए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी की अदालत ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी को अपने वकील से बातचीत करने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि गंभीर अपराध के आरोपी को भी कानून के तहत अधिकार प्राप्त होते हैं और भारतीय न्याय व्यवस्था में हर आरोपी तब तक निर्दोष है, जब तक अपराध साबित न हो।
मामले के गवाह इंस्पेक्टर संदीप कुमार की गवाही दर्ज की गई और 27 जुलाई को जिरह के लिए उन्हें दोबारा बुलाने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने अदालत में व्हाट्सएप, मेटा, गूगल व बम्बल के नोडल अधिकारियों समेत कुछ विदेशी गवाहों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज करने की अनुमति मांगी। आरोपी पक्ष ने जवाब के लिए समय मांगा, जिसे मंजूर किया गया। जांच अधिकारी और अन्य संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी अगली सुनवाई पर पेश होने के लिए समन जारी किए गए हैं। मामले की अगली बहस 24 जुलाई को होगी।
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साकेत कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंस की जगह पेश हुआ आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। साकेत कोर्ट में श्रद्धा वालकर हत्याकांड मामले की बुधवार को सुनवाई हुई। आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जगह अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान श्रद्धा के परिवार की ओर से वकील ने आपत्ति जताई कि आफताब को बचाव पक्ष के वकील की डेस्क के पास नहीं बैठने दिया जाए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी की अदालत ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी को अपने वकील से बातचीत करने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि गंभीर अपराध के आरोपी को भी कानून के तहत अधिकार प्राप्त होते हैं और भारतीय न्याय व्यवस्था में हर आरोपी तब तक निर्दोष है, जब तक अपराध साबित न हो।
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मामले के गवाह इंस्पेक्टर संदीप कुमार की गवाही दर्ज की गई और 27 जुलाई को जिरह के लिए उन्हें दोबारा बुलाने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने अदालत में व्हाट्सएप, मेटा, गूगल व बम्बल के नोडल अधिकारियों समेत कुछ विदेशी गवाहों के बयान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज करने की अनुमति मांगी। आरोपी पक्ष ने जवाब के लिए समय मांगा, जिसे मंजूर किया गया। जांच अधिकारी और अन्य संबंधित पुलिस अधिकारियों को भी अगली सुनवाई पर पेश होने के लिए समन जारी किए गए हैं। मामले की अगली बहस 24 जुलाई को होगी।
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