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घोटालाः 240 की थाली, 120 का नाश्ता
कुमार हरिओम/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 08 Nov 2014 07:43 PM IST
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गुड़गांव में 240 रुपये की थाली और 120 रुपये का नाश्ता। यह किसी फाइव स्टार होटल का बिल नहीं, बल्कि एक धर्मशाला में खाने का बिल है।
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शायद सुनकर ताज्जुब हो रहा होगा, लेकिन शहर के सरकारी कॉलेज से छात्रों के टूर के दौरान ऐसा ही खर्च सामने आया है। जिसमें छात्रों को एक धर्मशाला में खाने के नाम पर किया गया बेतहाशा खर्च दिखाया गया है।
इस मामले में उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय की ऑडिट टीम के सवाल खड़े किए जाने के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार जनवरी माह में सरकारी फंड पर राजकीय द्रोणाचार्य कॉलेज के 50 छात्रों के ग्रुप को शिमला टूर पर ले जाया गया था। जिसमें कॉमर्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर जगदीप और आरके गर्ग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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पूरे टूर का दो लाख रुपये बजट दिया गया था। इस पूरे मामले का खुलासा अगस्त में कॉलेज में उच्चत्तर शिक्षा निदेशायल की तरफ से आई ऑडिट टीम से हुआ।
टीम की जांच में सामने आया कि फर्जी बिल के आधार पर चंडीगढ़ स्थित जाट धर्मशाला में नाश्ते के 20 रुपये से 120 रुपये, जबकि लंच के 40 रुपये से 240 रुपये कराए गए।
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फंड की राशि डकराने के लिए उचित खर्च से 600 गुना ज्यादा खर्च दिखाया गया था। इस पर ऑडिट टीम ने सवाल खड़े करते हुए जांच करने का आदेश दिया था।
हालांकि, खुलासे के बाद कॉलेज प्रबंधन की तरफ से कोई जांच नहीं की गई है। संयोग कहें या फिर ताज्जुब आरोपों से घिरे दो प्रोफेसरों में एक असिस्टेंट प्रोफेसर जगदीप सिंह हैं, जो शुक्रवार को ही विजिलेंस की छापेमारी में रिश्वत लेता पकड़ा गया है।
पूरे मामले को लेकर में कॉलेज प्राचार्य आरके यादव से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि अगस्त महीने में ऑडिट जांच की गई थी, लेकिन अभी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। उन्होंने इस पूरे मामले की कोई जानकारी न होने की बात कही है।
दो रुपये बैलेंस बचाकर लाए
पूरे टूर में मिले सरकारी फंड के लिए दो लाख रुपये की राशि के लिए जब बिल बनाया गया तो उसकी कॉलेज स्तर पर ऑडिट के बाद दो लाख की राशि की एवज में एक लाख 99 हजार 998 रुपये खर्च दिखाया गया। महज दो रुपये कॉलेज को वापिस लौटाए गए।