जेएनयू में आरएसएस से जुड़ी संस्था कराएगी सेमिनार, महाभारत और कश्मीर के सबंधों पर होगी चर्चा!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश भर में राष्ट्रवाद पर छिड़ी गर्मागर्म बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ी संस्था विश्वग्राम ने जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी में कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन का फैसला किया है। आरएसएस के इंद्रेश कुमार इसके संरक्षक होंगे।
जेएनयू के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जेएनयू में पहली बार आरएसएस से जुड़ा कोई संगठन कैम्पस में इस तरह का आयोजन करने जा रहा है।
गौर करने वाली बात ये है कि 'पीस,पिपुल एंड पॉसिबिलिटीज इन कश्मीर' विषय पर आयोजित इस सेमिनार को सार्वजनिक क्षेत्र की कई बड़ी कंपिनयां जैसे कि ओएनजीसी, गेल, इंडयिन ऑयल प्रायोजित कर रही हैं।
इस सेमिनार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसमें कई केंद्रिय मंत्रियों सहित कई राज्यों के गवर्नर और विशेषज्ञ भी हिस्सा ले सकते हैं।
अफवाहों और तथ्यों को अलग करने का प्रयास किया जाएगा
विश्वग्राम की प्रमुख,'गीता सिंह' ने बताया कि इस मौके पर उन्होने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री 'महबूबा मुफ्ती 'को भी आमंत्रित किया है। हालांकि उनका आना कश्मीर के हालातों पर निर्भर करता है।
इंद्रेश कुमार के अलावा मौके पर मुख्य वक्ता के तौर पर पंजाब और हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी, गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू जैसे बड़ी हस्तियों भाग लेंगे।
इस सेमिनार में मुख्य तौर पर कश्मीर के इतिहास पर बातचीत के साथ-साथ अफवाहों और तथ्यों को अलग करने का प्रयास किया जाएगा । इसके अलावा भारतीय राष्ट्रवाद में कश्मीर की भूमिका पर अलग से चर्चा होगी।
कश्मीर की जड़ों को महाभारत से जोड़ा जा सकता है
दो दिवसीय इस सेमिनार में राष्ट्रवाद के जुड़े नारे जैसे सारा भारत, हमारा भारत, प्यारा भारत, हमें अपने देश के कण कण से प्यार है के नारे लगने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है।
समारोह में कश्मीर के मौजूदा हालात, भारतीय सैनिकों की भूमिका, उनके बलिदान के साथ-साथ अमन को लेकर घाटी के लोगों की सोच पर भी बातचीत की संभावना है।
आरएसएस द्वारा आयोजित इस कश्मीर के संस्कृती की जड़ों का महाभारत से संबंध और कश्यप मुनि के नाम पर कश्मीर के नमा पर पड़ने जैसे बेहद असामान्य मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना है।