आरएफआईडी टैग के लिए बढ़ा इंतजार, ई-मेल के जरिए भी कर सकते हैं आवेदन
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राजधानी दिल्ली में वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) टैग की अनिवार्यता लागू होने से इंतजार और बढ़ गया है।
निगम का दावा है कि टैग की कमी की वजह से नहीं बल्कि, लोगों को इसके लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसलिए उन्हें वाहनों से संबंधित दस्तावेज जमा करवाने के बाद टैग लेने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। इससे टोल से होकर गुजरने वाले टैक्सी चालकों समेत अन्य को सहूलियत होगी।
23 अगस्त से दिल्ली में 13 प्रमुख टोल प्वाइंट पर आरएफआईडी टैग धारकों को ही प्रवेश की इजाजत दी जा रही है। बगैर टैग वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। एक सप्ताह तक दोगुना जुर्माना किया जा रहा है, जिसे अगले सप्ताह में बढ़ाकर दोगुना या तीन गुना करने का प्रावधान है।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अतिरिक्त उपायुक्त रणधीर सहाय के मुताबिक, टैग लेने वालों को अधिक देर इंतजार नहीं करना पड़े, इस लिहाज से उन्हें यह सुविधा दी गई है। इसके तहत अपने वाहनों के दस्तावेज जमा करवाने के एक सप्ताह के अंदर उन्हें टोल प्वाइंट पर ही टैग मुहैया की जाएगी। इस दौरान आवागमन पर किसी तक का जुर्माना नहीं लगेगा। जल्द ही सभी जगहों पर इस प्रणाली को लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
ई-मेल से भी कर सकते हैं आवेदन
ई-मेल के जरिये भी टैग के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। इसके लिए एक ई-मेल preregistertags@gmail.com पर अपने मूल दस्तावेज की कॉपियां भेजी जा सकती हैं। ऐसे आवेदनों के आधार पर टैग जारी कर दिया जाएगा। जिस टोल प्वाइंट से वाहन का प्रवेश होगा, ई-मेल में जिक्र करने पर वहीं टैग भी उपलब्ध कराई जाएगी।
टैग लेने में लग रहा है घंटों वक्त
वाणिज्यिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और राजधानी को जाम मुक्त बनाने के लिए आरएफआईडी की दिशा में की गई पहल का सभी को फायदा मिलेगा। टैग हासिल कर चुके वाहनों को प्रवेश में पांच सेकेंड का वक्त लगेगा, लेकिन टैग हासिल करने में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टरों की बढ़ी मुश्किलें
दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट आर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों के मुताबिक, टोल से गुजरने वालों को इतना लंबा इंतजार करने की वजह से उन्हें कारोबार में नुकसान हो रहा है। एडीसी का कहना है कि टैग के होने से वाहन चालकों को प्रवेश में काफी कम वक्त लग रहा है। टैक्सी यूनियन के सदस्यों को इस तरह की दिक्कत नहीं आए, इस लिहाज से सुविधा मुहैया की गई है।