हाथ में थी रिवॉल्वर और एक्सप्रेसवे पर कार में मिला वकील का शव, परिजनों में मचा कोहराम
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दादरी के समाधीपुर गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सोमवार की शाम एक अधिवक्ता का शव कार में मिला है। अधिवक्ता के सिर में गोली लगी है। लाइसेंसी रिवॉल्वर भी मिली है। पुलिस आत्महत्या मान रही है। वहीं परिजनों का आरोप है कि डीएम कॉलोनी में आम रास्ते पर दीवार लगाने से वह तनाव में चल रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, बुलंदशहर की डीएम कॉलानी निवासी प्रदीप सिंह (35) पेशे से अधिवक्ता थे और बुलंदशहर कोर्ट में प्रैक्टिस करते थे। सोमवार की सुबह प्रदीप घर से अपनी कार और लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर फार्म पर जा रहे थे। वहां पर भंडारे कराने की बात घर पर कहीं थी। उसके बाद शाम को करीब चार बजे पुलिस को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर प्रदीप की कार खड़ी मिली। कार के अंदर प्रदीप का शव पड़ा था।
पुलिस ने फोन कर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंच गए। प्रदीप सिंह के भाई दुर्गेश सिंह का कहना है कि करीब दो साल पहले बुलंदशहर की तत्कालीन डीएम डॉ. रोशन जैकब ने डीएम कॉलोनी के सात रास्तों पर दीवार लगावाकर बंद करवा दिया था। उस बात को लेकर काफी विवाद हुआ था।
प्रदीप के मकान के पास वाले रास्ते को भी दीवार लगाकर बंद करवा दिया था। विरोध में बाद सभी रास्तों को खुलवा दिया गया, लेकिन प्रदीप वाले रास्ते को नहीं खोला गया। उसको लेकर वह परेशान चल रहे थे।
वहीं दादरी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक का कहना है कि प्रदीप ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से आत्महत्या की है। दाएं हाथ की तरफ कनपटी पर गोली लगी है। लाइसेंसी रिवॉल्वर भी कार में मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को भी हत्या की आशंका नहीं है।
प्रदीप की मौत के बाद परिजनों में मचा कोहराम
दादरी थाना क्षेत्र में ईस्टर्न पेरिफेरल पर सोमवार शाम बुलंदशहर निवासी अधिवक्ता का शव कार के अंदर मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। प्रथम दृष्टया परिजन भी इसे आत्महत्या ही मान रहे हैं।
बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से प्रदीप परेशान चल रहे थे। परिजन व अन्य लोगों में चर्चा है कि प्रदीप ने इसी कारण ही अपनी लाइसेंसी पिस्टल से अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। हालांकि, पुलिस गहनता से जांच में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार प्रदीप सिंह पुत्र महावीर सिंह अधिवक्ता थे। साथ ही डीएम रोड पर उनका एक बैंक्वेट हॉल भी है। कांवड़ियों के लिए प्रदीप ने अपने लॉज के बाहर भंडारे का आयोजन किया था। परिजनों ने बताया कि सोमवार सुबह प्रदीप घर से लॉज पर जाने की बात कह कर निकले थे। लेकिन, वह लॉज पर नहीं गए।
सोमवार शाम करीब चार बजे परिजनों को सूचना मिली कि प्रदीप का शव पेरिफेरल हाइवे पर कार के अंदर से बरामद हुआ है। जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे। इस दौरान परिजनों ने सिकंदराबाद के जोखाबाद टोल प्लाजा व पेरिफेरल टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जिसमें कार के अंदर प्रदीप अकेले ही नजर आ रहे हैं।
वहीं, परिजनों व अन्य पड़ोसियों आदि की मानें तो बीते कुछ दिनों से प्रदीप परेशान चल रहे थे। साथ ही परिजन यह जानने की भी कोशिश कर रहे हैं कि आखिर प्रदीप लॉज पर न पहुंचकर नोएडा की तरफ क्यों गए थे।