नोटबंदी के पचास दिन बीतने के बाद नए साल के पहले कार्यदिवस पर जहां बैंक व एटीएम पर भीड़ नहीं दिखी वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) पर पुराने नोट बदलने वालों की भीड़ बरकरार है। नए साल के पहले ही कार्यदिवस पर नोट बदलवाने के लिए पहुंचे लोगों को निराशा हाथ लगी। सोमवार को पुराने नोट नहीं बदले गए तो नाराज लोगों ने आरबीआई के बाहर नारेबाजी के साथ हंगामा भी किया।
विदेशी पर्यटक भी इस अचानक से बदले गए फैसले से परेशान थे। सुबह 10 बजे से ही लोग वहां नोट बदलने के लिए पहुंच गए थे। किसी के पास 2500, 3500 रुपये थे तो किसी के पास 35 हजार रुपये तक के पुराने नोट थे। मगर किसी को भी आरबीआई परिसर में नहीं जाने दिया जा रहा था।
सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। बताया गया कि अब नोट नहीं बदले जा रहे हैं। जबकि लोगों का कहना है कि मोदी सरकार ने 31 मार्च 2017 तक नोट बदलने का मौका दिया था।
वहां आए लोग नोट नहीं बदलने के कारण के साथ लिखित आदेश की प्रति मांग कर रहे थे। मगर आरबीआई की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर वहां लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने पुराने नोट हाथ में लहराते हुए वहां आरबीआई व सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसके बाद बैंक की एक महिला कर्मचारी अंदर से आईं और मुंबई का एक लैंड लाइन नंबर 022-22602944 देकर बात करने की सलाह दी। लोगों के साथ अमर उजाला संवाददाता नेे भी दोपहर करीब दो बजे इस नंबर पर बात करने की कोशिश की मगर फोन नहीं मिला।
वहां आए रोहित ने बताया कि सरकार कहती है कि 31 मार्च तक पुराने नोट बदल सकते हैं। लेकिन यहां बिना कारण बताए नोट बदलना बंद कर दिया। कोई आदेश भी नहीं दिखा रहे हैं। यूएस से आई दो विदेशी महिला पर्यटक भी 2500 रुपये लेकर बदलने पहुंचीं पर उन्हें भी आरबीआई बिल्डिंग के अंदर नहीं जाने दिया गया। पूछताछ में पता चला कि सिर्फ 30 दिसंबर या इसके बाद भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों या एनआरआई का पैसा बदला जाएगा। उनके पुराने नोट के बदले उन्हें कैश के बजाए अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे।