बलात्कार पीड़िता ने मारी पलटी, पूर्व बसपा सांसद बरी
पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह को अदालत ने महिला के शोषण और धमकी देने के आरोपों से बरी कर दिया है। महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया है कि सिंह ने उसके साथ किसी भी प्रकार का कोई उत्पीड़न नहीं किया है।
धनंजय सिंह और जागृति को पिछले साल 5 नवंबर को नौकरानी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। आपको बता दें कि पीड़िता इससे पहले अपने पूर्व में दिए गए बयान से पलट गई थी। जिसको आधार मानकर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था और आज उसे सुना दिया।
दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि 42 वर्षीय महिला ने बयान दिया है कि सिंह ने उसका यौन उत्पीड़न नहीं किया है। ऐसी स्थिति में धनंजय सिंह को इस मामले में उलझाए रखने से कोई फायदा नहीं है।
धनंजय सिंह फिलहाल जमानत पर हैं पर हैं। सूत्रों की मानें तो महिला ने अप्रैल में अदालत में पेश होकर अपने पूर्व में दिए गये बयान को खारिज करते हुए अदालत को नया बयान जारी किया था। जिसमें उसने जिक्र किया कि सिंह ने ना तो उसे कोई नुकसान पहुंचाया है और ना उससे बलात्कार किया है।
पूर्व में क्या था मामला
इससे पहले पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल किए गए आरोप पत्र में कहा गया था कि सिंह ने 2005 से लेकर 2009 तक महिला के साथ बार बलात्कार किया था। पुलिस ने महिला के पूर्व में दिए गए बयान को आधार बनाते हुए कहा था कि धनंजय सिंह ने बंदूक की नोंक पर धमकी देकर बलात्कार किया और किसी से जिक्र करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
सूत्रों ने कहा था कि महिला ने अपनी गवाही के दौरान कहा कि उससे अकसर झगड़ा करता था और उसके वैवाहिक जीवन में समस्याओं और उसे उसके पति द्वारा तलाक का नोटिस देने के पीछे भी सिंह का ही हाथ था।
अब महिला अपने पूर्व में दिए गए बयान से पलट गयी है। अदालत में पेश होकर महिला ने स्पष्ट किया कि वह सिंह के खिलाफ किसी भी तरह का कोई बयान नहीं देना चाहती। पूर्व में उसने अपने रिश्तेदारों के कहने पर इस तरह का बयान दिया था।