रामलीला मैदान में ही गुरु खोलेंगे चेले की पोल
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आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को पहली बड़ी चुनौती उनके गुरु अन्ना हजारे से मिलने जा रही है। अन्ना 12 मार्च को उसी रामलीला मैदान से तृणमूल कांग्रेस की वकालत करते दिखेंगे, जहां से उन्होंने कभी केजरीवाल के साथ जनलोकपाल का आंदोलन खड़ा किया था।
आयोजकों का दावा है कि अन्ना व ममता बनर्जी की पहली संयुक्त रैली में पांच लाख लोग जुटेंगे। इसके बाद अन्ना-ममता की उत्तराखंड के देहरादून व गुजरात के अहमदाबाद में बड़ी रैली प्रस्तावित है।
आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) की तरफ से आयोजित जनतंत्र रैली की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कोशिश बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटाने की है। इसके लिए दिल्ली में प्रत्येक लोक सभा सीट पर 150 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है।
हिंदी पट्टी से 100 उम्मीदवार उतारने की तैयारी
इसके अलावा अन्ना और एआईटीएमसी के समर्थक लोगों को जागरूक करने के लिए दिल्ली की सभी विधान सभा सीटों पर नुक्कड़ नाटक करेंगे। इस दौरान अन्ना के 17 मुद्दों का प्रचार किया जाएगा। नुक्कड़ नाटक लोक सभा चुनाव तक जारी रहेगा।
वहीं, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब से लोगों को रैली में बुलाने के लिए अलग से टीमें बनाई गई हैं। फिलहाल मोर्चे की कोशिश है कि हिंदी पट्टी से करीब सौ उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा जाए।
एआईटीएमसी की चुनाव कमेटी संयोजक विनोद सिंह के मुताबिक, हमने देश के अलग-अलग समूहों में काम करने वाले लोगों से इस आंदोनल से जुड़ने की अपील की गई है। जिससे अन्ना-ममता की अगुवाई में देश में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
पीस पार्टी हो सकती है टीएमसी की सहयोगी
मोर्चा नए सहयोगियों की तलाश भी कर रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने भी पूरा समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता के मुताबिक, समर्थन मुद्दों के आधार है।
दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत यूनियन की सभी इकाइयों तक संदेश पहुंचा दिया गया है कि अन्ना हजारे के समर्थन में एकजुट हों। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता 12 मार्च की रैली में शिरकत करेंगे।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश की पीस पार्टी भी अन्ना के साथ आने को तैयार दिख रही है। पीस पार्टी के रिजवान अहमद की मानें तो बातचीत आखिरी दौर में है। उम्मीदन पीस पार्टी यूपी में तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।